बिलासपुर
गोविंद सागर झील किनारे स्थित लुहणु मैदान में राज्य स्तरीय नलवाड़ी मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। सात दिनों तक चलने वाले इस पारंपरिक मेले के उद्घाटन अवसर पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
कार्यक्रम की शुरुआत श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर से पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई, जहां से ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच भव्य शोभायात्रा निकाली गई। यह शोभायात्रा बस अड्डा, चंपा पार्क, गांधी मार्केट और गुरुद्वारा चौक से गुजरते हुए लुहणु मैदान स्थित मेला स्थल तक पहुंची।
मेला स्थल पहुंचने पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने रिबन काटकर मेले का औपचारिक उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने बैल पूजन की परंपरा निभाई और खुंटा गाड़कर मेले की विधिवत शुरुआत की। यह परंपरा नलवाड़ी मेले की विशेष पहचान मानी जाती है, जो पशुधन और ग्रामीण संस्कृति से जुड़े इस मेले की ऐतिहासिक विरासत को दर्शाती है।
इसके बाद मंत्री ने विभिन्न सरकारी विभागों, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय संस्थाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया। उन्होंने इन स्टॉलों में प्रदर्शित उत्पादों और योजनाओं की सराहना की और संबंधित अधिकारियों को आमजन तक अधिक से अधिक जानकारी पहुंचाने के निर्देश दिए। मंत्री राजेश धर्माणी ने प्रदेशवासियों, विशेषकर बिलासपुर के लोगों को नलवाड़ी मेले की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे मेले हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक एकता के प्रतीक हैं, जिन्हें संजोकर रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।
