उत्तरकाशी /रिपोर्ट /सुमित कुमार

Anchor…..उत्तरकाशी में भारत-चीन सीमा के पास 1962 से वीरान पड़े नेलांग और जादुंग गांवों को वाइब्रेंट विलेज के तहत फिर से बसाने की तैयारी जोरों पर चल रही है। पर्यटन विकास बोर्ड और प्रशासन इन गांवों को मुख्य रूप से एक आकर्षक ‘पर्यटन स्थल’ वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने योजना बनाई जा रही है। जहाँ होमस्टे के जरिए स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा दिया जाएगा।
नेलांग-जादुंग पुनर्विकास परियोजना के मुख्य बिंदु सीमावर्ती क्षेत्रों में रिवर्स माइग्रेशन (गांवों की वापसी) को बढ़ावा देना, सीमा सुरक्षा को मजबूत करना और पर्यटन को बढ़ाना। पहले चरण में, जादुंग गांव में 6 पुराने और जर्जर घरों का पुराने पैटन पर जीर्णोद्धार किया गया ।
बाइट ….जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि वाइब्रेंट विलेज के अंतर्गत जादुंग गांव में 14 होम स्टे पर काम चल रही है माननीय मुख्यमंत्री इस ओर विशेष ध्यान दे रहे है । 1962 में नेलांग जादुंग गांव खाली करा दिया थी उनको रिवर्स किया जा रहा है। अभी तक छः होम स्टे बनकर तैयार हो गए है। 8 होम स्टे शीतकाल के बाद काम तेजी लाई जाएगी । सर पर्यटन के लिए ओपन किया जाएगा ।

