नई दिल्ली

देशभर में पत्रकारों के परिवार और बच्चों की शिक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। इंडियन रिपोर्टर्स एसोसिएशन राष्ट्रीय महासचिव एम डी जहांगीर ने केंद्र व राज्य सरकारों से मांग की है कि पत्रकारों के बच्चों को निजी स्कूलों में शिक्षा शुल्क में रियायत अथवा पूर्णतः निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था दी जाए।
एसोसिएशन का कहना है कि समाज को सच दिखाने वाला पत्रकार वर्ग आज स्वयं अपने परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए संघर्ष कर रहा है। विशेषकर छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों के लिए निजी स्कूलों की अत्यधिक फीस बच्चों की शिक्षा में बड़ी बाधा बन गई है।
इंडियन रिपोर्टर्स एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अधिकांश हिस्सा निजी स्कूलों तक सीमित हो गया है, जबकि पत्रकारों की आय इतनी नहीं होती कि वे इस आर्थिक बोझ को वहन कर सकें। ऐसे में सरकार को चाहिए कि पत्रकारों के बच्चों के लिए फीस में छूट, विशेष कोटा या निःशुल्क शिक्षा नीति लागू की जाए।
संगठन ने यह भी कहा कि जब देश के अन्य सेवा वर्गों को उनके बच्चों की शिक्षा के लिए विशेष सुविधाएं दी जा सकती हैं, तो पत्रकारों को इससे वंचित रखना न्यायसंगत नहीं है। पत्रकारों के परिवारों की शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित होने से वे बिना किसी दबाव के निष्पक्ष, निर्भीक और जिम्मेदार पत्रकारिता कर सकेंगे।
इंडियन रिपोर्टर्स एसोसिएशन का मानना है कि पत्रकारों के बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करना केवल एक सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि लोकतंत्र को सशक्त बनाने की दिशा में आवश्यक कदम है। संगठन ने सरकार से इस मांग पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र ठोस निर्णय लेने की अपील की है।
