शिमला-टीना ठाकुर

हिमाचल प्रदेश पर्यटन विभाग के चेयरमैन रघुवीर बाली ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि उनके पद संभालने के बाद से ही मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पर्यटन क्षेत्र को प्राथमिकता दी है। सीमित संसाधनों के बावजूद विभाग की संपत्तियों को बेहतर ढंग से संचालित करते हुए 80 करोड़ रुपये के टर्नओवर को बढ़ाकर 110 करोड़ रुपये तक पहुंचाया गया, जबकि उसी दौरान होटलों की मरम्मत और अन्य कार्य भी जारी थे।
उन्होंने बताया कि विभाग ने विरासत में मिले होटलों की आय बढ़ाने के साथ उनकी मरम्मत पर विशेष ध्यान दिया है, ताकि पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। मनाली में तीन होटलों की मरम्मत चल रही है, वहीं HHH होटल पर 45 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा फेस-2 में 70 करोड़, होटल हमीर में 20 करोड़ और होटल ज्वालाजी में 35 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। आने वाले 2-3 वर्षों में विभिन्न परियोजनाओं पर लगभग 250 करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे, जिससे पर्यटन ढांचे को मजबूत किया जा सके।
रघुवीर बाली ने कहा कि कांगड़ा में एयरपोर्ट परियोजना पर करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। पालमपुर, हमीरपुर और देहरा में 10-10 करोड़ रुपये की लागत से हेलीपोर्ट बनाए जा रहे हैं। 6 अप्रैल को 160 करोड़ रुपये के बड़े प्रोजेक्ट के टेंडर जारी होंगे, जिसमें नगरोटा बगवां में प्रदेश का सबसे बड़ा पर्यटन प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा, ताकि हिमाचल को वेडिंग डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि विभाग ने खर्चों को नियंत्रित करते हुए नई पहलें भी शुरू की हैं और MakeMyTrip के साथ मिलकर 2 करोड़ रुपये एडवांस प्राप्त किया गया है। उन्होंने कहा कि होटल मरम्मत के दौरान अस्थायी रूप से आय प्रभावित होती है, लेकिन भविष्य में इससे आय में बड़ा इजाफा होगा।
अंत में उन्होंने कहा कि प्रदेश के लगभग 60 होटलों की स्थिति सुधारने के लिए बड़े निवेश की आवश्यकता है और सरकार इस दिशा में काम कर रही है। एंट्री टैक्स में राहत देने से छोटे वाहनों को फायदा होगा और इससे पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार जताते हुए राज्य के हिस्से में और बढ़ोतरी की मांग भी की, ताकि देवभूमि हिमाचल को और अधिक आकर्षक पर्यटन स्थल बनाया जा सके।



