Saturday, June 13, 2026
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श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन परीक्षित को मिले श्राप एवं श्रवण भक्ति का महत्व बताया

दैनिक जागो वर्ल्ड ! दौलतपुर चौक ( भूपेंद्र डडवाल )

रा बाबा श्री रुद्रानंद आश्रम अच्युतानंद अमलैहड़ में श्री श्री 1008 स्वामी हेमानंद जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित हो रही संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन वृंदावन धाम से पधारे राष्ट्रीय संत श्री गौरदास जी महाराज ने आज परीक्षित जी को मिले श्राप के बारे में बताया कि श्राप उन्हें भगवान की कृपा से ही मिला था क्योंकि भगवान ने गर्भ में परीक्षित जी को बचा तो लिया था, किंतु ब्रह्मास्त्र की महिमा खत्म ना हो जाए इसलिए उनकी आयु 100 से 35 वर्ष रह गई थी | परीक्षित जी राजकाज के कार्य में उलझ ना जाए इसलिए उनको श्राप मिला की आज से 7 दिन बाद तक्षक के काटने से तुम्हारी मृत्यु हो जाएगी | इस पर परीक्षित जी ने इस श्राप से मुक्ति पाने का कोई भी प्रयास नहीं किया और गंगा किनारे आकर संतों की सभा में आकर निवेदन किया कि जिसकी 7 दिन में मृत्यु हो जाने वाली हो उसको अपने कल्याण के लिए क्या करना चाहिए, जो संत इसका उपाय बता सके और कृपया इस आसन पर आकर बैठे | इतनी देर में राधा कृष्णा जी के ललित पालित तोता शुकदेव जी के रूप में वहा पधारे और आसन पर आकर बैठ गए | कथा को आगे बढाते हुए महाराज श्री ने बताया की सबसे पहले हमें अपने जीवन में श्रवण भक्ति करनी चाहिए | अर्थात कथा को खूब प्रेम भाव से सुनना चाहिए उसका फल यह होगा कि हमे कीर्तन भक्ति मिलेगी | हम कीर्तन में आनंद लेंगे और कीर्तन करते हुए भगवान की लीलाओं का चिंतन करते हुए गुरुजी से प्राप्त दीक्षा मंत्र का जाप निरंतर प्रेम भाव से करेंगे तो हमें ग्रहस्थ धर्म का पालन करते हुए अपने व्यापार व नौकरी करते हुए भी इसी जन्म में इसी शरीर में प्रभु की प्राप्ति हो जाएगी |

महाराज जी द्वारा गए भजन “श्री कृष्ण कथा रस पीने को हम राज पाठ सब छोड़ चले” पर श्रद्दालु प्रेम भाव में झूम झूम कर मगन हो रहे थे | इस अवसर पर गगरेट के विधायक राकेश कालिया, एडवोकेट अश्वनी अरोड़ा, सतपाल शास्त्री, जीवन शर्मा, अजय शर्मा, के. एल. मेहता, सेवानिवृत ए. आर. महिंद्र जसवाल, संदीप जसवाल, सुग्रीव सिंह इत्यादि मौजूद रहे |

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