लठियानी \विनोद शर्मा

कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चूरड़ी में सड़क सुरक्षा अभियान के अंतर्गत एक सशक्त, अनुशासित और अत्यंत प्रेरणादायक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह, जोश और जिम्मेदारी के भाव के साथ यातायात नियमों के प्रति समाज को जागरूक करने हेतु एक प्रभावशाली रैली निकाली।
विद्यालय परिसर से आरंभ हुई इस जागरूकता रैली में विद्यार्थियों ने हाथों में संदेशात्मक तख्तियां और नारे लेकर सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
रैली के दौरान “सुरक्षा पहले , जीवन सबसे अनमोल”, “हेलमेट है जरूरी ,
जीवन है प्यारा”, “नाबालिक वाहन नहीं चलाएंगे ,नियमों का पालन कराएंगे” जैसे नारों से वातावरण गूंज उठा। विद्यार्थियों ने मन में दृढ़ संकल्प लेकर समाज को सुरक्षित यातायात और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया।
रैली के दौरान विद्यार्थियों ने नाबालिक बच्चों द्वारा वाहन चलाने के दुष्परिणामों पर भी जोर दिया और विभिन्न प्रकार के जागरूकता नारों के माध्यम से लोगों को सतर्क किया। पूरे वातावरण में जागरूकता, सकारात्मक ऊर्जा और सामाजिक जिम्मेदारी का भाव स्पष्ट रूप से देखने को मिला।
विद्यालय के प्रधानाचार्य कर्म चंद ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनना केवल कानून नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा का सबसे मजबूत कवच है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा यातायात नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध सख्त कदम उठाए गए हैं ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधानाचार्य ने जानकारी दी कि यदि कोई नाबालिक बच्चा वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है तो पुलिस द्वारा वाहन जब्त करने के साथ-साथ उसके अभिभावकों पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती है। इसलिए अभिभावकों और समाज के प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वे इन नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
शिक्षक पुरुषोत्तम ने कहा कि नाबालिक बच्चों को किसी भी स्थिति में वाहन नहीं चलाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सड़क पर अंकित संकेतों का पालन करते हुए, संयम और सतर्कता के साथ वाहन चलाएं।
विद्यालय की शिक्षिका ज्योति कुमारी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने स्पष्ट नियम बनाए हैं कि यदि नाबालिक बच्चे वाहन चलाते हुए पकड़े जाते हैं तो उनके माता-पिता के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। शिक्षक सुरेश कुमार ने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को दो पहिया वाहन या किसी भी प्रकार का वाहन चलाने की अनुमति न दें।
इस अवसर पर विद्यार्थियों तमन्ना, वासू, आशीष, योगेश, आदर्श, रुचिका, रेशम बीबी, नैना और रुचि राणा ने कहा कि सड़क सुरक्षा अभियान से उन्हें यातायात नियमों की सही जानकारी मिली है और वे स्वयं भी इन नियमों का पालन करेंगे तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य कर्म चंद ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे नाबालिक बच्चों को किसी भी प्रकार का वाहन न सौंपें। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा बाबू राम सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी समाज से आग्रह किया कि जिसके पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, उसे वाहन चलाने की अनुमति न दी जाए।
यह रैली केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति समाज को जागृत करने की एक मजबूत और सराहनीय शुरुआत साबित हुई।
प्रमुख नारे:
“सड़क सुरक्षा अपनाओ, जीवन बचाओ”
“हेलमेट है जरूरी, जान है अनमोल”
“नाबालिक वाहन नहीं चलाएंगे, नियमों का पालन कराएंगे”
“सावधानी हटी, दुर्घटना घटी”
“यातायात नियमों का सम्मान
सुरक्षित भारत की पहचान”
इस प्रकार के नारे लगाते हुए समाज को जागृत किया।

