ऊना ब्यूरो रिपोर्ट, शिवानी ठाकुर

जिला मुख्यालय से सटे अजनौली गांव के महादेव मंदिर मार्ग पर स्थित एक सराय भवन में फैली गंदगी को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। वार्ड नंबर दो के स्थानीय निवासियों ने पूर्व पंचायत और संबंधित विभागों पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
ग्रामीणों शंकर, रतन कुमार, सुग्रीव चंद, मनजीत सिंह, उजागर सिंह, इंदु वाला, चित्ररेखा, रजनी देवी, ममता कुमारी, किरण वाला, नीलम देवी सहित अन्य ने बताया कि पिछली बरसात के दौरान सराय के साथ लगा डंगा और गंदे पानी की निकासी की नाली टूट गई थी। इसके बाद से सारा गंदा पानी सराय के प्रांगण में जमा हो रहा है, जिससे बदबू और गंदगी के कारण लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर उन्होंने कई बार लिखित और मौखिक रूप से पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित विभागों को अवगत करवाया, लेकिन आज दिन तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। मजबूर होकर अब उन्हें मीडिया का सहारा लेना पड़ा है।
शिकायतकर्ता उजागर सिंह ने आरोप लगाया कि पूर्व पंचायत ने विकास के नाम पर जनता से ठगी की है। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी को आनन-फानन में शाम करीब 4 बजे गंदे पानी की निकासी के लिए एक पाइप डाला गया, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया। इसके चलते अब गंदा पानी सड़कों पर जमा हो रहा है।
उजागर सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आने वाले सात दिनों के भीतर सराय और गंदे पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो वह इसी स्थान पर आत्मदाह करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।
उन्होंने बताया कि वह एक अपाहिज व्यक्ति हैं, इसके बावजूद गांव के विकास के लिए हमेशा सक्रिय रहते हैं, लेकिन इस गंभीर समस्या को लेकर उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान किया जाए, अन्यथा उन्हें सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़

