ब्यूरोरिपोर्ट

जनता कर्ज में डूबी, सरकार दोस्ती निभाने में डूबी
हमीरपुर, 4 फरवरी: हिमाचल प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता और सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा है कि प्रदेश की तिजोरी जनता के लिए नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के मित्रों और चहेतों के लिए खुली हुई है।
मुख्यमंत्री केंद्र सरकार को कोसने का नाटक बंद करें और पहले यह बताएं कि हिमाचल की जनता के टैक्स का पैसा अपने करीबियों पर लुटाने का अधिकार उन्हें किसने दिया?
आज यहां जारी एक बयान में राजेंद्र राणा ने कहा कि चौदहवें और पंद्रहवें वित्त आयोग में साफ चेतावनी थी कि वित्तीय घाटा अनुदान बंद होगा। यह बात मुख्यमंत्री और उनके पूरे प्रशासनिक तंत्र को पहले से पता थी। फिर भी प्रदेश को जानबूझकर कर्ज के दलदल में धकेल दिया गया। यह लापरवाही नहीं, बल्कि आर्थिक कुप्रबंधन और राजनीतिक स्वार्थ का नतीजा है।
राणा ने आरोप लगाया कि आज कर्मचारी वेतन के लिए भटक रहे हैं, पेंशनर्स परेशान हैं, विकास कार्य ठप पड़े हैं, लेकिन सत्ता के करीबी लोगों की नियुक्तियां और लाभ लगातार जारी हैं। तीन साल में विकास के नाम पर एक ईंट तक नहीं लगी, लेकिन राजनीतिक एहसान चुकाने का सिलसिला थमा नहीं।
उन्होंने कहा कि केंद्र लगातार आर्थिक मदद दे रहा है, फिर भी मुख्यमंत्री लगातार खाली खजाने का रोना रो रहे है। अगर पैसा आ रहा है तो जा कहां रहा है? जनता जानना चाहती है कि यह सरकार चल रही है या ‘मित्र मंडली लिमिटेड कंपनी’?
राजेंद्र राणा ने तीखे शब्दों में कहा कि सुक्खू सरकार के कार्यकाल में पहली बार प्रदेश की तिजोरी बंद होने की नौबत आई है। यह किसी उपलब्धि का नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता और शर्मनाक रिकॉर्ड का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि हर गलती का ठीकरा केंद्र पर फोड़ना आसान है, लेकिन अपनी नाकामियों की जिम्मेदारी लेने का साहस सरकार में नहीं है। अब प्रदेश की जनता हिसाब मांग रही है और हर रुपये का, हर फैसले का जवाब जनता को देना ही होगा।
उन्होंने कहा यह सरकार जनता की नहीं, चहेतों की सरकार बन चुकी है। अगर मुख्यमंत्री जवाब नहीं दे सकते तो कुर्सी छोड़ दें। हिमाचल की जनता अब बहाने नहीं, हिसाब चाहती है।

