तलमेहडा खड़ोह रिंकू भारद्वाज

हिमाचल प्रदेश जिला ऊना में स्थित हिमाचल हवेली जोगी पंगा में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित 5 डोगरा रेजीमेंट (बटालियन) का 64वां स्थापना दिवस पूरे हर्षोल्लास, गौरव और सैन्य गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र में देशभक्ति का वातावरण देखने को मिला और रेजीमेंट के गौरवशाली इतिहास, शौर्य एवं बलिदान को स्मरण किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रिटायर्ड कर्नल तरसेम चंद (टी. सी.) राणा ने की। समारोह के दौरान बटालियन के शहीद जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और जवानों ने शहीदों के अदम्य साहस, निष्ठा और कर्तव्यपरायणता को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
अपने संबोधन में रिटायर्ड कर्नल तरसेम चंद राणा ने कहा कि 5 डोगरा रेजीमेंट की नींव ईमानदारी, अनुशासन, निष्ठा और कर्तव्यनिष्ठा जैसे उच्च मूल्यों पर रखी गई है। वरिष्ठ नेतृत्व के मार्गदर्शन में यह बटालियन आज भी अपनी गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रसेवा में उत्कृष्ट योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि यह रेजीमेंट न केवल युद्धक्षेत्र में बल्कि शांति अभियानों और आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों में भी सदैव अग्रणी रही है।
समारोह में जनरल अनुपम भागी, ब्रिगेडियर कपिल देल, ब्रिगेडियर राहुल पाठक,कर्नल सुधीर चौहान, कर्नल आर.के. चौहान, कर्नल प्रहलाद रंधावा तथा कर्नल सतपाल सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने बटालियन के गौरवशाली इतिहास और उपलब्धियों को याद करते हुए जवानों के साहस, त्याग और समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
इतिहास पर प्रकाश डालते हुए रिटायर्ड कर्नल तरसेम चंद राणा ने बताया कि बटालियन का पुनर्गठन 01 जनवरी 1963 को हुआ था। इसके पश्चात 06 फरवरी 1963 को लेफ्टिनेंट कर्नल सूरजमल सिंह द्वारा मेरठ में 5 डोगरा रेजीमेंट का ध्वज फहराया गया। तभी से प्रत्येक वर्ष 06 फरवरी को बटालियन का स्थापना दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष यह आयोजन हिमाचल प्रदेश एवं पंजाब के भूतपूर्व सैनिकों के संयुक्त सहयोग से जिला ऊना के जोगी पंगा में आयोजित किया गया।
समारोह में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, स्थानीय गणमान्य व्यक्ति एवं क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रसेवा, बलिदान और देश की एकता-अखंडता की रक्षा के संकल्प के साथ किया गया।

