ऊना ब्यूरो रिपोर्ट, शिवानी ठाकुर

ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण
समग्र शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत जिला ऊना के कक्षा 12वीं (आईटी/आईटीईएस ट्रेड) के 66 विद्यार्थियों को चंडीगढ़ स्थित प्रतिष्ठित कंपनियों में तीन दिवसीय ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण (OJT) प्रदान किया गया। यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को शैक्षणिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावसायिक दुनिया की वास्तविकताओं से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय शुरुआत सिद्ध हुआ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सलोह, डियारा, तलमेहड़ा, अंबोटा, नंगराह, बंगाणा, थाना कलां, थठल, बीटन, बाथू, मावा सिंधियां, पलकवाह तथा कुरियाला के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विभिन्न विद्यालयों से आए इन छात्रों को एक साझा मंच पर सीखने, अनुभव साझा करने और व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने का सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को वास्तविक कार्यस्थल और कॉरपोरेट वातावरण से रूबरू कराया गया। उन्हें डेटा एंट्री, डेटा प्रबंधन, ग्राहक सेवा, कॉल सेंटर संचालन, बीपीओ सेवाएं, कार्यालय प्रबंधन, दस्तावेजीकरण, साइबर सुरक्षा के मूल तत्व तथा प्रभावी संचार कौशल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इससे छात्रों की तकनीकी समझ के साथ-साथ उनकी कार्यकुशलता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में टीम वर्क, समय प्रबंधन, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं व्यावहारिक दक्षताओं का भी प्रभावी विकास हुआ, जो उनके भविष्य के करियर निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों के साथ एस्कॉर्ट शिक्षक के रूप में अंजली राणा, प्रतिभा सिंह, गुरबख्श सिंह तथा अमित सौंखला उपस्थित रहे। इन शिक्षकों ने पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों का सतत मार्गदर्शन किया और अनुशासन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
जिला ऊना के उपनिदेशक (गुणवत्ता नियंत्रण) एवं जिला परियोजना
अधिकारी (समग्र शिक्षा) मनीष पाटयाल ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार के ऑन-द-जॉब प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने में अत्यंत सहायक होते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की शुरुआत से छात्रों की कौशल क्षमता, व्यावसायिक समझ और रोजगार योग्य दक्षताओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो उन्हें भविष्य में बेहतर अवसर प्रदान करेगी।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक प्रेरणादायक और सफल कदम रहा, जो शिक्षा और उद्योग के बीच सेतु का कार्य करता है।

