Sunday, October 25, 2026
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घनारी में गौभक्तों की भव्य पदयात्रा, गौवंश संरक्षण और ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने की उठी जोरदार मांग

दौलतपुर चौक-भूपिंदर डडवाल

क्षेत्र में सड़कों पर बेसहारा घूम रहे गौवंश के संरक्षण और उनके लिए स्थायी आश्रय स्थलों की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग को लेकर सोमवार को घनारी क्षेत्र में गौभक्तों द्वारा एक विशाल और प्रभावशाली पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा का नेतृत्व पंडित हरि शाह गौशाला के संचालक एवं डेरा बाबा हरि शाह के गद्दीनशीन पंडित राकेश शाह ने किया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, महिलाओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह पदयात्रा विभिन्न गांवों से होते हुए तहसील मुख्यालय घनारी पहुंची, जहां गौभक्तों ने तहसीलदार कुलताज सिंह को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने का आग्रह किया। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री से अपील की गई कि बेसहारा गौवंश के लिए हर स्तर पर पर्याप्त आश्रय स्थल स्थापित किए जाएं और उनके संरक्षण के लिए ठोस एवं प्रभावी नीतियां बनाई जाएं।
पदयात्रा के दौरान “गौ माता की जय” और “गौ संरक्षण हमारा धर्म” जैसे गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में रंग गया। कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पदयात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया और इस मुहिम को अपना समर्थन दिया।
इस अवसर पर पंडित राकेश शाह ने कहा कि द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने गौसेवा के माध्यम से समाज को एक आदर्श संदेश दिया था, जिससे स्पष्ट होता है कि सनातन संस्कृति में गौमाता का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में गौवंश की स्थिति दयनीय हो चुकी है और सड़कों पर घूमते हुए वे अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा इस गंभीर मुद्दे का संज्ञान लिया जा चुका है, लेकिन अभी भी जमीनी स्तर पर ठोस कार्यवाही की आवश्यकता है। पंडित शाह ने सरकार से मांग की कि गौमाता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा दिया जाए, ताकि समाज में उनके प्रति सम्मान और संरक्षण की भावना को और मजबूती मिल सके।

इसके साथ ही उन्होंने ‘काऊ सेस’ के रूप में एकत्रित की जा रही राशि के पारदर्शी और समुचित उपयोग की मांग करते हुए कहा कि इस धनराशि को गौवंश के चारे, चिकित्सा और आश्रय स्थलों के विकास पर ही खर्च किया जाना चाहिए।
गौभक्तों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
इस पदयात्रा में विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल रहे, जिससे यह स्पष्ट होता है कि गौवंश संरक्षण को लेकर जनसमर्थन लगातार बढ़ रहा है।

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