हमीरपुर-सुमित ठाकुर
सलासी स्थित होटल प्रबंधन संस्थान (आईएचएम) हमीरपुर का 14वां वार्षिक समारोह ‘उड़ान-2026’ वीरवार को मनाया गया। मुख्य अतिथि एसपी बलवीर सिंह ने दीप प्रज्जवलन के साथ इस समारोह का शुभारंभ किया। समारोह की विशिष्ट अतिथि विजया ठाकुर और एडीसी हमीरपुर एवं संस्थान के कार्यकारी प्रधानाचार्य अभिषेक गर्ग भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए एसपी ने कहा कि आईएचएम हमीरपुर ने बहुत कम समय में ही कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं और यहां के विद्यार्थी कई बड़ी कंपनियों में कार्यरत हैं तथा इन्होंने देश-विदेश में नाम कमाया है। इसके लिए विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों के साथ-साथ संस्थान के स्टाफ के सभी सदस्य भी बधाई के पात्र हैं।
उन्होंने कहा कि होटल प्रबंधन एवं आतिथ्य के क्षेत्र में युवाओं के लिए विश्व भर में अन्नत संभावनाएं मौजूद हैं। युवाओें को इन संभावनाओं का भरपूर लाभ उठाना चाहिए। एसपी ने कहा कि आज के दौर में सफलता के लिए कोई न कोई स्किल अवश्य होना चाहिए। युवाओं के कौशल विकास के लिए आईएचएम हमीरपुर जैसे संस्थानों की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने विभिन्न शैक्षणिक, खेल और अन्य गतिविधियों में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया।
इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए एडीसी एवं संस्थान के कार्यकारी प्रधानाचार्य अभिषेक गर्ग ने कहा कि यह वार्षिक उत्सव केवल विद्यार्थियों की उपलब्धियों को पुरस्कृत करने का दिन ही नहीं है, बल्कि यह उनकी मेहनत और समर्पण को उत्सव की तरह मनाने का दिन भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे जीवन में निरंतर मेहनत एवं अनुशासन के साथ आगे बढ़ें और अपने लिए सुनहरा भविष्य सुनिश्चित करें।
इससे पहले, संस्थान के विभागाध्यक्ष पुनीत बंटा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि आईएचएम हमीरपुर की प्लेसमेंट का आंकड़ा हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सौ प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि गत 15 वर्षाें के दौरान संस्थान में तीन वर्षीय डिग्री के लगभग 950 विद्यार्थी, क्राफ्ट कोर्स फूड प्रोडक्शन के लगभग 441 छात्र और डिप्लोमा फूड एंड बेवरीज के लगभग 263 विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं।
समारोह में विद्यार्थियों ने शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। संस्थान के प्रवक्ता रोमी शर्मा ने मुख्य अतिथि, अन्य अतिथियों, स्टाफ और विद्यार्थियों का धन्यवाद किया।



