Wednesday, June 10, 2026
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इस पंचायत में दो शावकों संग रिहायशी इलाके में घूम रही मादा भालू, ग्रामीण में दहशत

लोग खेतों और बगीचों में जाने से डर रहे हैं, वहीं स्कूली बच्चों का सफर भी जोखिमभरा हो गया है।

जागो! कुल्लू ,प्रिया शर्मा

हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के आनी उपमंडल के कराना पंचायत में एक मादा भालू अपने दो शावकों के साथ रिहायशी इलाके में देखी जा रही है। इससे ग्रामीण भयभीत हैं। लोग खेतों और बगीचों में जाने से डर रहे हैं, वहीं स्कूली बच्चों का सफर भी जोखिमभरा हो गया है। कराना पंचायत के रीउंड नाला क्षेत्र में पिछले कई दिनों से भालुओं की गतिविधियां लगातार जारी हैं। ग्रामीणों के अनुसार, एक मादा भालू अपने दो शावकों के साथ करीब पांच दिनों से दिन के समय भी दिखाई दे रही है। यह भालू सड़क से महज 10 मीटर की दूरी पर स्थित एक पत्थर की गुफा के पास देखी गई है।इस सड़क से रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण, कर्मचारी और स्कूली विद्यार्थी गुजरते हैं। दिनदहाड़े भालुओं के दिखने से लोगों को खौफ के साये में सफर करना पड़ रहा है। यहां से आवाजाही करने वाले खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मादा भालू अपने बच्चों के साथ होने के कारण अधिक संवेदनशील और आक्रामक हो सकती है। इससे किसी भी समय अप्रिय घटना घटने की आशंका बनी हुई है। क्षेत्र निवासी भागीरथी ठाकुर, भूपेंद्र शर्मा, संदीप कुमार, भीखम, पाने लाल और हीरालाल समेत अन्य ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि भालुओं की लगातार मौजूदगी के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बच्चों का स्कूल जाना भी चिंता का विषय बन गया है। ग्रामीणों ने विभाग से भालुओं को सुरक्षित रूप से पकड़कर जंगल के भीतर स्थानांतरित करने की मांग उठाई है। उन्होंने क्षेत्र में पिंजरे लगाने की भी अपील की है। 

क्षेत्र में भालुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आरओ को निर्देश दिए गए हैं। भालुओं को पकड़ने के लिए जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे। इन कदमों से स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। विभाग ग्रामीणों की चिंताओं को गंभीरता से ले रहा है।थनोग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर (एसवीएम) स्कूल के साथ लगते क्षेत्र में एक मादा भालू ने दो शावकों को जन्म दिया है। भालू और उसके शावकों की मौजूदगी से जहां ग्रामीणों में उत्सुकता और मनोरंजन का विषय बना हुआ है, वहीं भय का माहौल भी पैदा हो गया है। स्कूल में नन्हे-मुन्ने बच्चों का प्रतिदिन आवागमन होने के कारण अभिभावकों और विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाना जरूरी है। ग्रामीणों ने मामले की सूचना वन विभाग को दे दी है और विभाग से शीघ्र कार्रवाई कर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।

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