सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, दुकानों पर तंबाकू उत्पाद नाबालिगों को न बेचने संबंधी अनिवार्य सूचना-पट्ट का प्रदर्शन न करना तथा खुले सिगरेट की बिक्री जैसी अनियमितताएं

जागो! धर्मशाला, राकेश कुमार
जिला तंबाकू नियंत्रण उड़नदस्ता एवं नशा निवारण विशेष कार्यबल द्वारा धर्मशाला में तंबाकू नियंत्रण कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन पर 11 व्यक्तियों/प्रतिष्ठानों के चालान किए गए।यह अभियान डिपो बाजार, सिविल लाइंस, कॉलेज रोड, ज्वाहर नगर तथा एचपीसीए स्टेडियम के समीप चेलियां क्षेत्र में चलाया गया। निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान, दुकानों पर तंबाकू उत्पाद नाबालिगों को न बेचने संबंधी अनिवार्य सूचना-पट्ट (साइनेज) का प्रदर्शन न करना तथा खुले (लूज) सिगरेट की बिक्री जैसी अनियमितताएं पाई गईं।अधिकारियों ने बताया कि कोटपा (COTPA) अधिनियम की धारा 4 के अंतर्गत सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान प्रतिबंधित है। वहीं, धारा 6(क) के अनुसार तंबाकू उत्पादों की बिक्री से संबंधित अनिवार्य चेतावनी बोर्ड का प्रदर्शन न करना कानून का उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, हिमाचल प्रदेश में लूज सिगरेट की बिक्री भी प्रतिबंधित है।

यह अभियान स्वास्थ्य विभाग से जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनुराधा के नेतृत्व में चलाया गया। अभियान दल में ड्रग इंस्पेक्टर मीनाक्षी, विशेष कार्यबल के उप निरीक्षक सुनील पटियाल, पुलिस विभाग की एएसआई इंदु बाला, विशेष कार्यबल के हेड कांस्टेबल विपिन तथा महिला कांस्टेबल कनक माला (नॉर्थ रेंज), स्वास्थ्य विभाग से सुरेश मंडयाल शामिल रहे।इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि तंबाकू सेवन कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, श्वसन संबंधी बीमारियों तथा क्षय रोग (टीबी) सहित अनेक गंभीर रोगों का प्रमुख कारण है। तंबाकू को नशे की दुनिया का प्रवेश द्वार (Gateway Drug) भी माना जाता है, जो युवाओं को चिट्टा एवं अन्य मादक पदार्थों की ओर आकर्षित कर सकता है।उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से बचाने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए तंबाकू नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। जिला प्रशासन द्वारा जागरूकता एवं प्रवर्तन गतिविधियों के माध्यम से तंबाकू एवं नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में भी ऐसे अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे।

