हिमाचल को टैक्सों का प्रदेश बनाया सुक्खु सरकार ने, अब अपनी नाकामी छिपाने के लिए भाजपा को बना रही निशाना : बिक्रम ठाकुर

जागो! धर्मशाला, राकेश कुमार
पूर्व उद्योग मंत्री एवं भाजपा नेता बिक्रम ठाकुर ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा बिलासपुर सीमा पर लगाए गए तथाकथित “खालसा एंट्री टैक्स” को भाजपा की साजिश बताने वाले बयान को हास्यास्पद, तथ्यहीन और जनता को गुमराह करने का एक और असफल प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि जिस टैक्स को लेकर आज प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के लोगों में रोष है, उसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खु और उनकी कांग्रेस सरकार की है। भाजपा ने तो शुरू से ही इस एंट्री टैक्स का विरोध किया था और सरकार को चेताया था कि हिमाचल प्रदेश एक पर्यटन राज्य है, यहां आने वाले पर्यटकों और व्यापारिक गतिविधियों पर अतिरिक्त बोझ डालना प्रदेश की अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग दोनों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।उन्होंने कहा कि अब जब बिलासपुर सीमा पर कुछ लोगों द्वारा “खालसा एंट्री टैक्स” के नाम पर प्रतीकात्मक विरोध किया जा रहा है तो कांग्रेस सरकार और उसके मंत्री भाजपा को दोषी ठहराने में लग गए हैं। सच्चाई यह है कि लोगों का आक्रोश कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ है। यदि मुख्यमंत्री सुक्खु ने एंट्री टैक्स जैसा जनविरोधी निर्णय न लिया होता तो ऐसी स्थिति ही पैदा नहीं होती।

बिक्रम ठाकुर ने कहा कि मंत्री जगत नेगी को भाजपा पर निराधार आरोप लगाने के बजाय मुख्यमंत्री सुक्खु से पूछना चाहिए कि आखिर जनता पर यह अतिरिक्त बोझ क्यों डाला गया। कांग्रेस सरकार पहले प्रदेश की जनता से माफी मांगे और फिर एंट्री टैक्स जैसे जनविरोधी निर्णयों को पूरी तरह वापस लेने की घोषणा करे।उन्होंने कहा कि भाजपा स्पष्ट रूप से मानती है कि हिमाचल प्रदेश की पहचान पर्यटन, आतिथ्य और खुले स्वागत की संस्कृति से है, न कि प्रवेश द्वारों पर टैक्स वसूली से। कांग्रेस सरकार ने जिस प्रकार प्रदेश को टैक्सों के बोझ तले दबाने का काम किया है, उसका जवाब जनता आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से देगी। मुख्यमंत्री सुक्खु की सरकार कमाई करे, गलत फैसले ले और उसकी भरपाई हिमाचल की जनता करे, यह अब ज्यादा समय तक चलने वाला नहीं है। जनता सब देख रही है और कांग्रेस सरकार को उसके हर जनविरोधी फैसले का हिसाब देना होगा।

