कुटलैहड़ भाजपा का दावा,19 में से 14 बीडीसी सदस्यों का समर्थन , बंगाणा में आज होगा शक्ति परीक्षण,

बंगाणा
उपमंडल बंगाणा में आज ब्लॉक विकास समिति (बीडीसी) अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां चरम पर हैं। पूरे कुटलैहड़ विधान सभा क्षेत्र की निगाहें इस चुनाव पर टिकी हुई हैं। बंगाणा बीडीसी में कुल 19 सदस्य हैं और अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए बहुमत का आंकड़ा 10 का है। ऐसे में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने अपने-अपने स्तर पर पूरी ताकत झोंक दी है। कुटलैहड़ भाजपा ने दावा किया है कि उसके पास 19 में से 14 भाजपा समर्थित बीडीसी सदस्यों का समर्थन है। यदि भाजपा का यह दावा मतदान में सही साबित होता है तो अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों पदों पर उसकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला मतदान के बाद ही सामने आएगा और इसी कारण राजनीतिक गलियारों में उत्सुकता बनी हुई है।
क्या कांग्रेस करेगी कोई खेला, सभी की नजरें क्रॉस वोटिंग की संभावना पर,
चुनाव से पहले सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या कांग्रेस कोई राजनीतिक रणनीति अपनाकर मुकाबले को रोचक बनाएगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीडीसी चुनावों में कई बार अंतिम समय में समीकरण बदलते रहे हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंग अथवा निर्दलीय सदस्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि भाजपा अपने बहुमत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिख रही है, लेकिन कांग्रेस भी अंतिम समय तक अपनी रणनीति पर काम कर रही है। यही कारण है कि आज होने वाला मतदान केवल औपचारिकता नहीं बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखा जा रहा है। चुनाव परिणाम यह भी तय करेगा कि पंचायत स्तर पर किस दल की पकड़ अधिक मजबूत है।

पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर के समर्थकों की भूमिका पर भी रहेगी नजर,
इस चुनाव में पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर के समर्थक बीडीसी सदस्यों की संख्या और उनकी भूमिका पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं। लंबे समय तक कुटलैहड़ की राजनीति में प्रभाव शाली रहे वीरेंद्र कंवर का पंचायत स्तर पर मजबूत जनाधार माना जाता रहा है। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके समर्थक सदस्य किस प्रकार की भूमिका निभाते हैं और चुनावी परिणामों पर उनका कितना प्रभाव पड़ता है।
वहीं वर्तमान विधायक विवेक शर्मा के नेतृत्व में भाजपा संगठन भी अपनी मजबूती का दावा कर रहा है। ऐसे में आज का चुनाव भाजपा के भीतर संगठनात्मक शक्ति और जनप्रतिनिधियों के समर्थन का भी एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
दविंदर कुमार भुट्टो का 20 वर्षों तक बंगाणा बीडीसी पर रहा एक छत्र प्रभाव, क्या आज बनेगा नया इतिहास,
बंगाणा बीडीसी का राजनीतिक इतिहास भी काफी रोचक रहा है। वर्ष 2000 में प्रो. प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के दौरान, उस समय कुटलैहड़ को डिप्टी स्पीकर जैसा महत्वपूर्ण पद मिलने के बावजूद भी तत्काल भाजपा नेता वीरेंद्र कंवर के समर्थक दविंदर कुमार भुट्टो बंगाणा बीडीसी के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद लगभग दो दशकों तक अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर भाजपा नेता दविंदर कुमार भुट्टो का प्रभाव बना रहा और बंगाणा बीडीसी की राजनीति पर उनका मजबूत नियंत्रण देखने को मिला। अब समय बदल चुका है और कुटलैहड़ की राजनीति में नए नेतृत्व के साथ नए समीकरण भी सामने आए हैं। ऐसे में आज होने वाला चुनाव केवल अध्यक्ष और उपाध्यक्ष चुनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंचायत स्तर पर बदलते राजनीतिक संतुलन की भी तस्वीर पेश करेगा।
आज होने वाले मतदान के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि भाजपा का 14 सदस्यों के समर्थन का दावा कितना मजबूत है, कांग्रेस कोई अप्रत्याशित राजनीतिक समीकरण बना पाती है या नहीं, और पूर्व मंत्री वीरेंद्र कंवर के समर्थकों की भूमिका किस दिशा में परिणामों को प्रभावित करती है। बंगाणा बीडीसी चुनाव के नतीजे कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र की आगामी राजनीति के लिए महत्व पूर्ण संकेत देने वाले साबित हो सकते हैं।

