Sunday, July 12, 2026
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राजेंद्र राणा के दबाव में झुकी सरकार, डेढ़ साल बाद पटलांदर सब स्टेशन का उद्घाटन

हमीरपुर/सुजानपुर

आखिरकार सरकार को घुटने टेकने पड़े। 10 जुलाई को चक्का जाम के अल्टीमेटम से 3 दिन पहले ही प्रदेश सरकार ने बुधवार को पटलांदर स्थित 33/11 केवी सब स्टेशन का उद्घाटन कर दिया। डेढ़ साल से फाइलों में धूल खा रहा ये सब स्टेशन अब आंसला, पटलांदर और आसपास के 2 दर्जन से अधिक गांवों की तकदीर बदलेगा। लो वोल्टेज और अघोषित कटौती से बेहाल हजारों की आबादी को अब राहत की सांस मिलेगी। पत्रकारों से बातचीत में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने इसे जनता के संघर्ष की जीत करार दिया। उन्होंने कहा कि ये किसी नेता की जीत नहीं है। ये जीत हर सुजानपुर वासी की है। राजेंद्र राणा ने सीधा वार करते हुए कहा कि जनता से बैर-विरोध रखने वाली सरकार अपनी मर्जी से नहीं झुकी। उसे डर था कि 10 जुलाई को चक्का जाम हुआ तो प्रदेश भर में किरकिरी होगी। जनता अब जाग चुकी है। उन्हें बेवकूफ बनाना अब आसान नहीं। उन्होंने याद दिलाया कि इस सब स्टेशन को उन्होंने अपने कार्यकाल में स्वीकृत करवाया था। वादा किया था बनवाकर रहूंगा। आज वादा पूरा हुआ। लेकिन लड़ाई यहीं खत्म नहीं हुई। 24 घंटे बिजली मिले, तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे।

भावुक हुए लोग, बोले: राजेंद्र राणा ही असली जनहितैषी
उद्घाटन की खबर लगते ही पूरे क्षेत्र में जश्न मनाया गया। स्थानीय लोगों ने कहा कि पिछले कई सालों से चक्कर काट रहे थे। कोई सुनने वाला नहीं था। राजेंद्र राणा सड़क पर उतरे, अल्टीमेटम दिया, तब जाकर सरकार की नींद टूटी। सत्ता में न होते हुए भी उन्होंने वो कर दिखाया जो सत्ता वाले नहीं कर पाए। वही असली जनहितैषी हैं।

बीडीसी चुनाव पर ताला: हार के डर से लोकतंत्र की हत्या कर रही सरकार
राणा: जहां जीत का भरोसा वहां चुनाव, जहां हार का डर वहां तानाशाही

मंगलवार को भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता एवं पूर्व विधायक राजेंद्र राणा की अगुवाई में भाजपा मंडल ने एसडीएम सुजानपुर को ज्ञापन सौंपा और सुजानपुर व टौणीदेवी बीडीसी अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव को तुरंत करवाने की भी मांग उठाई। इसके बाद एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करने के बाद पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि जिला हमीरपुर में भोरंज ब्लॉक को छोड़कर बाकी 5 ब्लॉकों में बीडीसी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव नहीं करवाए जा रहे। ये सोची-समझी साजिश है। जहां कांग्रेस को जीत का भरोसा है वहां चुनाव करवा दिए। जहां हार का डर है वहां लोकतंत्र को ताला लगा दिया। नादौन, हमीरपुर, बड़सर, सुजानपुर और टौणीदेवी में डेढ़ महीने से चुनाव लटकाए गए हैं। एक जिले में दो तरह के नियम? ये लोकतंत्र की हत्या है। उन्होंने चेताया कि बेईमानी से बनी ये सरकार अब पंचायती राज संस्थाओं को भी कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी यह ट्रेलर है। अगर जल्द चुनाव नहीं हुए तो भाजपा कार्यकर्ता जनता के साथ हर ब्लॉक में आंदोलन करेंगे।

हार की बौखलाहट में पत्रकारों पर हमला
इस अवसर पर राजेंद्र राणा ने शिमला में कांग्रेस मुख्यालय में महिला पत्रकार से हुई बदसलूकी का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जनता और मीडिया की आवाज दबाने वाली सुक्खू सरकार में उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली कहावत चरितार्थ हो रही है। पत्रकार से बदसलूकी करने वालों पर कार्रवाई की बजाय पत्रकारों को ही डराया जा रहा है और मामले दर्ज कर पुलिस थाने में बेवजह बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों में करारी हार से बौखलाई सरकार अब हर वर्ग पर अपनी हार की टीस निकाल रही है। लेकिन जनता सब देख रही है। इसके गिने-चुने दिन ही बचे हैं।

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