केलांग-रणजीत सिंह

वरिष्ठ नेता रवि ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, लेकिन न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक रोस्टर जारी नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि पहले 31 मार्च और अब 7 अप्रैल की डेडलाइन बीतने के बाद भी रोस्टर जारी न होना यह दर्शाता है कि सरकार की मंशा चुनाव कराने की नहीं है। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द रोस्टर जारी कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल किया जाए और जनता को उनका अधिकार दिया जाए।
उन्होंने लाहौल-स्पीति क्षेत्र के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि Border Roads Organisation के निर्देशन में स्नो क्लियरेंस का कार्य तेजी से चल रहा है और जल्द ही स्पीति घाटी का मार्ग बहाल कर दिया जाएगा। साथ ही ₹1400 करोड़ की लागत से SKG मार्ग को सुदृढ़ किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
रवि ठाकुर ने केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू के दौरे के दौरान केलांग में ₹250 करोड़ की लागत से सीवरेज प्लांट, सिस्सू में आइस स्केटिंग रिंक, युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रम तथा लगभग 800 स्थानीय युवाओं के प्रशिक्षण जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी मिली है। इसके अतिरिक्त मठों के लिए बजट प्रावधान और गैमूर में विहार व अप्रोच रोड का निर्माण कार्य भी जारी है।
उन्होंने मांग की कि लद्दाख और लाहौल-स्पीति को नॉर्थ ईस्ट BDE फंड में शामिल किया जाए, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में ट्रांसमिशन लाइन, ऑप्टिकल फाइबर, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि जहां राज्य सरकार लोकतांत्रिक प्रक्रिया में देरी कर रही है, वहीं केंद्र सरकार लगातार विकास कार्यों को गति दे रही है और अब समय है कि जनता को उनका अधिकार मिले।



