बिलासपुर-धर्मपाल

राज्य स्तरीय ग्रीष्मोत्सव-2026 के तहत घुमारवीं में पशु चिकित्सालय परिसर में भव्य पशु मेले का आयोजन किया गया। मेले में उन्नत नस्लों के पशु आकर्षण का केंद्र बने रहे और बड़ी संख्या में पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सोनिका धर्माणी ने शिरकत की। मेले में पशुपालन के प्रति क्षेत्रीय लोगों की बढ़ती जागरूकता साफ नजर आई। प्रतियोगिता में कुल 102 गाय एवं भैंस तथा 72 भेड़-बकरी शामिल हुए। विभिन्न वर्गों में आयोजित प्रतियोगिताओं में गाय-भैंस की 18 श्रेणियों और भेड़-बकरी की कई श्रेणियों में पशुपालकों ने अपने पशुओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस अवसर पर सहायक निदेशक पशुपालन विभाग बिलासपुर डॉ. के. एल. शर्मा सहित विभाग के अन्य पशु चिकित्सक, फार्मासिस्ट और कर्मचारी उपस्थित रहे। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।वही मुख्य अतिथि सोनिका धर्माणी ने अपने संबोधन में कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे मेले पशुपालकों को नई तकनीकों से जोड़ने, उनकी आय बढ़ाने और उन्हें प्रोत्साहित करने का प्रभावी माध्यम हैं।
प्रतियोगिता में यूसुफ खान, असलम खान, राजेंद्र प्रसाद, नासिर खान, भंडारी दीन, असलम अख्तर, मोहिनी शर्मा, डिम्पल शर्मा, विकास कुमार, चुन्नी लाल, निशा, ममता देवी, साहिदा, वंदना कुमारी और रतन दास सहित कई पशुपालकों के पशु विभिन्न श्रेणियों में विजेता रहे।
मुख्य अतिथि ने विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया और पशुपालन विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जो पशुपालक मेले में शामिल हुए लेकिन पुरस्कार से वंचित रह गए, उन्हें संवेदना चैरिटेबल सोसायटी की ओर से बड़े पशुओं के लिए 1000 रुपये और छोटे पशुओं के लिए 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।यह पशु मेला केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पशुपालकों के लिए ज्ञान-विनिमय, नवाचार और प्रेरणा का सशक्त मंच बनकर उभरा, जिसने क्षेत्र में पशुपालन को नई दिशा देने का कार्य किया।



