शिमला-टीना ठाकुर

शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बजट सत्र को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा कि इस बार सत्र दो चरणों में आयोजित किया गया, जो एक नया प्रयोग है। उन्होंने बताया कि पहली बार आरडीजी को रोका गया और अधिकारियों की सैलरी को भी डिफर किया गया है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इस बजट में समाज के सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है और यह संतुलित बजट है।
विपक्ष के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि पेट्रोल और डीजल पर कोई सेस नहीं लगाया गया है, जबकि भाजपा इस मुद्दे पर भ्रम फैला रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अभी भी पेट्रोल-डीजल लगभग तीन रुपये सस्ता है। हालांकि, सरकार ने भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया और संकेत दिए कि करीब 90 पैसे तक वृद्धि हो सकती है, लेकिन इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सभी को मिलकर लड़नी होगी, तभी प्रदेश को इसका वास्तविक लाभ मिलेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बजट सत्र के दौरान सभी पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी, जो लोकतंत्र की मजबूती का संकेत है।


