अम्ब (ऊना)-अविनाश चौहान

अप्पर भंजाल गांव में नव-निर्माणाधीन सिद्ध मां बगलामुखी 16 स्तंभ 51 फीट मंदिर तथा श्री महाकाल मंदिर में चल रहे विक्रम संवत 2083 के चेत्र शुक्ल प्रतिपदा नवरात्रि के तहत आयोजित मां बगलामुखी महायज्ञ का विधिवत समापन हो गया। पूर्णाहुति के दौरान हर-हर महादेव और जय माता दी के जयघोष से सुंकाळी व अप्पर भंजाल क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा।
इस अवसर पर यति सत्यदेवानंद सरस्वती महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि पृथ्वी पर मां जगदंबा और भगवान महादेव शिव ही पूजनीय हैं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम, भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण सहित सभी अवतारों ने भगवान शिव और शक्ति की ही उपासना की है। उन्होंने यह भी कहा कि जब से सनातन धर्म में नए-नए भगवानों की कल्पना शुरू हुई है, तब से समाज में अव्यवस्था बढ़ी है।
मंदिर निर्माण के विषय में उन्होंने बताया कि यह मंदिर धर्म की स्थापना के उद्देश्य से बनाया जा रहा है। भविष्य में यहां बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से सशक्त बनाने के प्रयास किए जाएंगे। मंदिर निर्माण के लिए हर सनातनी के घर-घर जाकर सहयोग (भिक्षा) मांगा जाएगा।
पूर्णाहुति के मुख्य यजमान डॉ. मोहन सिंह ने कहा कि ऐसा भव्य आयोजन और मां बगलामुखी तथा श्री महाकाल मंदिर का निर्माण पूरे क्षेत्र के लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने सभी से इस पुण्य कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग करने की अपील की, ताकि शीघ्र ही मंदिर निर्माण पूर्ण होकर मां की विधिवत स्थापना हो सके।
इस अवसर पर मंदिर के सेवक बरयान सिंह, जयपाल सिंह, सुरजीत सिंह, रविंद्र जसवाल (वंटू), सतवीर, नरेश कुमार, विनोद राणा, बॉबी जसवाल, साहिल सहित सैकड़ों भक्तों ने आहुति डालकर पुण्य अर्जित किया।

