अम्ब /ऊना-स्पर्श शर्मा

प्रदेश सरकार द्वारा बाहरी राज्यों के वाहनों पर एंट्री टैक्स घटाने के दावों के बीच जमीनी हकीकत बिल्कुल उलट नजर आ रही है। 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू होने की खबरों के बावजूद आज भी कई बैरियर्स पर वाहन चालकों से पुरानी और कहीं-कहीं उससे भी ज्यादा राशि वसूली जा रही है।
ऊना जिले के गगरेट बैरियर सहित कई स्थानों पर आज वाहन चालकों से 250 रुपये की पर्चियां काटी गईं, जबकि कुछ अन्य बैरियर्स पर यह वसूली 320 रुपये से लेकर 570 रुपये तक पहुंच गई। इससे साफ है कि प्रदेशभर में एंट्री टैक्स को लेकर कोई एक समान व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है।
वाहन चालकों में आक्रोश
एक वाहन चालक ने नाराजगी जताते हुए कहा, “सरकार 100 रुपये की बात कर रही है, लेकिन हमसे 300-500 रुपये तक लिए जा रहे हैं। आखिर सही रेट क्या है, यह कोई बताने को तैयार नहीं है।”
दूसरे चालक ने कहा, “अगर नई दरें लागू हो चुकी हैं तो हर बैरियर पर लागू होनी चाहिए। अलग-अलग जगह अलग रेट लेना सीधा-सीधा गलत है।”
वहीं एक अन्य चालक ने बताया, “हमें 100 रुपये की उम्मीद थी, लेकिन 250 की पर्ची थमा दी गई। कुछ लोगों से तो 500 से ज्यादा भी वसूला गया है।”
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासनिक समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ सरकार राहत देने की बात कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी स्तर पर मनमानी वसूली जारी है, जिससे आम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
लोगों की मांग – तुरंत स्पष्टता और सख्ती
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों ने मांग की है कि सरकार स्पष्ट रूप से नई दरों की अधिसूचना जारी कर सभी बैरियर्स पर सख्ती से लागू करवाए। साथ ही, जहां अधिक वसूली हो रही है, वहां जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए, ताकि जनता को राहत मिल सके।


