Tuesday, March 17, 2026
HomeHImachal NewsUnaपूर्व विधायक बलबीर सिंह का सरकार पर तीखा प्रहार

पूर्व विधायक बलबीर सिंह का सरकार पर तीखा प्रहार

अम्ब /स्पर्श शर्मा

बोले— साढ़े तीन साल में बताएं, कितनी सड़कों को मिली वास्तविक प्राथमिकता


चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक बलबीर सिंह ने भाजपा कार्यालय अम्ब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार के साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल में यह बताने की स्थिति में नहीं है कि कोई एक भी ऐसी सड़क कौन-सी है, जिसे उसकी प्राथमिकता में शामिल किया गया हो, जिसकी डीपीआर तैयार हुई हो और जिस पर कार्य के लिए बजट स्वीकृत हुआ हो।
बलबीर सिंह ने कहा कि सड़कों की ही तरह पेयजल योजनाओं का हाल भी बदहाल है। उन्होंने मुख्यमंत्री के दौरों को लेकर आरोप लगाया कि कार्यक्रमों के नाम पर पहले आम जनता से और अब बैंकों से भी धन की मांग की जा रही है, जो न केवल दुर्भाग्यपूर्ण बल्कि लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भी विपरीत है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उल्लेख करते हुए पूर्व विधायक ने बताया कि योजना के तीसरे चरण में चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र को चार महत्वपूर्ण सड़कें स्वीकृत हुई थीं, जिन पर लगभग 32 करोड़ रुपये की लागत आई। इनमें अम्ब चौक से ल्यूमिनस तक सड़क एवं पुल, टकारला से बडुही पुल तक, चुरूरू से भैरा तक तथा नंदग्राम से भिंडला तक की सड़कें शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से तीन सड़कें पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि चौथी पर कार्य प्रगति पर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की सहायता से बनी इन सड़कों के उद्घाटन के दौरान न तो स्थानीय सांसद का नाम नेम प्लेट पर अंकित किया गया और न ही संबंधित क्षेत्र के विधायक अथवा पूर्व कांग्रेस विधायक राकेश कलिया व वर्तमान एससी कमीशन के चेयरमैन कुलदीप धीमन का उल्लेख किया गया, जो सरकारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी और राजनीतिक पक्षपात को दर्शाता है।
पूर्व विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री एक ओर केंद्र सरकार की धनराशि से बने कार्यों का उद्घाटन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उसी केंद्र सरकार पर लगातार आरोप भी लगा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्व घाटा अनुदान कोई स्थायी व्यवस्था नहीं थी, बल्कि एक अस्थायी प्रावधान था, जिसे समाप्त होना ही था।
बलबीर सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि पहाड़ी राज्य होने के कारण हिमाचल प्रदेश को केंद्र सरकार से विशेष सहायता मिलती रही है और आज भी अधिकांश योजनाओं में राज्य सरकार की हिस्सेदारी मात्र 10 प्रतिशत है।
अंत में उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता और व्यवस्था परिवर्तन के जो बड़े-बड़े दावे किए गए थे, वे अब खोखले साबित हो रहे हैं और प्रदेश सरकार पूरी तरह से केंद्र सरकार के अनुदान पर निर्भर होकर काम चला रही है।

RELATED ARTICLES

Most Popular