अम्ब स्पर्श शर्मा

कुटलैहड़ में शिक्षा क्षेत्र को उज़्बल बनाने के लिए एक सुनहरा मौका ,छात्र उठाएंगे पूरा फायदा, विवेक शर्मा
बंगाणा, कुटलैहड़ क्षेत्र के शिक्षा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण पहल के तहत सीजीसी द्वारा प्रिंसिपल-कम-टीचर्स मीट का आयोजन कुटलैहड़ के होटल हवेली जोगी पंगा में किया गया। इस विशेष बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में कुटलैहड़ के माननीय विधायक विवेक शर्मा मुख्यतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान विधायक विवेक शर्मा ने विश्वविद्यालय की ओर से हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए 50 करोड़ रुपये तक की छात्रवृत्ति योजना का विधिवत शुभारंभ किया। इस बैठक में कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी स्कूलों के प्रधानाचार्य, प्रवक्ता और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना था।
विधायक विवेक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि यह योजना न केवल कुटलैहड़ बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के छात्रों के लिए सुनहरा अवसर है। उन्होंने कहा कि आज के समय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है और ऐसी छात्रवृत्ति योजनाएं छात्रों को आगे बढ़ने की नई दिशा देती हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए विवेक शर्मा ने कहा कि 50 करोड़ रुपये की राशि छात्रों की शिक्षा पर खर्च करना एक बड़ी और सराहनीय पहल है।
कुटलैहड़ से पूरे हिमाचल तक स्कूलों में होंगी छात्रवृत्ति परीक्षाएं,
विधायक विवेक शर्मा ने घोषणा की कि सीएजीसी द्वारा कुटलैहड़ ही नहीं, बल्कि पूरे हिमाचल प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में छात्रवृत्ति परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं के माध्यम से मेधावी छात्रों का चयन किया जाएगा और उन्हें उनकी योग्यता के आधार पर छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण से परिचित करवाएगी और उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर देगी। छात्रवृत्ति के माध्यम से छात्रों को आर्थिक सहायता तो मिलेगी ही, साथ ही उन्हें उच्च शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों के बारे में मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालय के प्रवक्ताओं ने बैठक में उपस्थित प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को बताया कि छात्रवृत्ति परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जाएगी। इसके लिए विस्तृत दिशा-निर्देश शीघ्र ही स्कूलों को भेजे जाएंगे। परीक्षा के परिणाम के आधार पर छात्रों को विभिन्न कोर्सों में प्रवेश के दौरान विशेष रियायत दी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं होगी, बल्कि छात्रों को करियर काउंसलिंग, विषय चयन और उच्च शिक्षा की दिशा तय करने में भी सहायता प्रदान की जाएगी। किस छात्र को किस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए, इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन सत्र आयोजित किए जाएंगे।
कुटलैहड़ के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में विवेक शर्मा का बड़ा कदम,
विधायक विवेक शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जिससे समाज और प्रदेश का समग्र विकास संभव है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के कई प्रतिभाशाली छात्र आर्थिक संसाधनों के अभाव में उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसी छात्रवृत्ति योजनाएं उन छात्रों के सपनों को साकार करने में सहायक सिद्ध होंगी। उन्होंने कहा कि 50 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति राशि छात्रों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। यह केवल एक वित्तीय सहायता योजना नहीं, बल्कि प्रदेश के युवाओं के भविष्य में किया गया निवेश है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक छात्रों को इस परीक्षा में भाग लेने के लिए प्रेरित करें, ताकि कोई भी योग्य छात्र अवसर से वंचित न रहे।
बैठक के दौरान कई प्रधानाचार्यों और प्रवक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे छात्रों में प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी और वे उच्च शिक्षा के प्रति अधिक जागरूक होंगे। शिक्षकों ने यह भी सुझाव दिया कि समय-समय पर ऐसे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को नई शिक्षा योजनाओं की जानकारी मिलती रहे। विश्वविद्यालय के प्रवक्ताओं ने जानकारी दी कि छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, कंप्यूटर एप्लीकेशन, लॉ और अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययन के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। छात्रों को प्रवेश से पहले करियर काउंसलिंग दी जाएगी, ताकि वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप विषय का चयन कर सकें। विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि कुटलैहड़ क्षेत्र के छात्रों में अपार प्रतिभा है और उन्हें सही मंच व मार्गदर्शन की आवश्यकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह छात्रवृत्ति योजना युवाओं को नई उड़ान देगी और हिमाचल प्रदेश के शिक्षा स्तर को और अधिक सशक्त बनाएगी।
“प्रिंसिपल-कम-टीचर्स मीट” के सफल आयोजन के साथ यह स्पष्ट हो गया कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी प्रतिनिधियों और निजी विश्वविद्यालयों के सहयोग से छात्रों के लिए व्यापक अवसर सृजित किए जा सकते हैं। 50 करोड़ रुपये की यह छात्रवृत्ति योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

