अम्ब स्पर्श शर्मा

महाशिवरात्रि के पावन उपलक्ष्य में ब्रह्माकुमारीज़ मेहतपुर ऊना द्वारा आयोजित शिव संदेश रथयात्रा दस दिवसीय आध्यात्मिक सेवा अभियान के रूप में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस रथयात्रा का उद्देश्य जन-जन तक परमपिता परमात्मा शिव का सच्चा परिचय, राजयोग ध्यान की शिक्षा तथा महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य को पहुँचाना था।
दिनांक 06 फ़रवरी 2026 से प्रारम्भ हुई इस रथयात्रा ने क्षेत्र के अनेक गाँवों—हरोली, बड़ेहड़, पेखूबेला, पलकवाह, समनाल, रोरा, कोटला कलाँ, नारी, बसाल, टक्का, लाल सिंगी, जलेला, टालीवाल, नांगल खुर्द, गुरूपला, लालूवाल, फतेहपुर, बीटन, दुलेहर, हीरा, पूबोवाल, कुठार, बेलना गोन्दपुर, सिंगा सहित विभिन्न स्थानों—में पहुँचकर ग्रामवासियों को आध्यात्मिक जागृति का संदेश दिया।
रथयात्रा के दौरान मंदिरों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। अनेक शिक्षण संस्थानों के प्रधानाचार्यों ने इस पहल की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।
दसवें दिन विशेष रूप से मेहतपुर सेवाकेंद्र में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया तथा क्षेत्र के विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं को महाशिवरात्रि के आध्यात्मिक रहस्य से अवगत कराया गया। ब्रह्माकुमारीज़ के अनुसार महाशिवरात्रि वह दिव्य स्मृति दिवस है जब निराकार परमपिता परमात्मा शिव अज्ञान रूपी रात्रि में ज्ञान का प्रकाश फैलाकर मानवता को आत्म-जागृति का संदेश देते हैं। राजयोग के माध्यम से आत्मा और परमात्मा का सीधा संबंध स्थापित होता है, जिससे जीवन में शांति, शक्ति और पवित्रता का संचार होता है।
पूरे दस दिनों तक सेवाधारी भाई-बहनों ने समर्पण भाव से ग्राम-ग्राम जाकर लोगों को सकारात्मक सोच, आत्म-परिवर्तन और आध्यात्मिक सशक्तिकरण का मार्ग बताया। ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं ने रथयात्रा का स्वागत करते हुए इसे समाज में नैतिक मूल्यों और शांति स्थापना की दिशा में एक सार्थक प्रयास बताया।
ब्रह्माकुमारीज़ ऊना की यह शिव संदेश रथयात्रा न केवल महाशिवरात्रि के पर्व को आध्यात्मिक गहराई प्रदान करती है, बल्कि समाज में आत्म-जागृति और सद्भाव का दीप प्रज्वलित करने का प्रेरक अभियान भी सिद्ध हुई। इस यात्रा के आयोजन में बीके आशा दीदी, बीके बबीता दीदी, बीके डॉ किरन, बीके अवधेश, राशपाल, रामकृष्ण, अरविंद, परवीन, नितिका, वीणा, रितु, सोमनाथ आदि भाई बहनों का विशेष योगदान रहा।

