रिपोर्टर- गोविन्द रावत

अल्मोड़ा जिले विकास खंड स्याल्दे के अंतर्गत सरस्वती शिशु/उच्चतर माध्यमिक विद्या मंदिर देघाट में वनाग्नि की रोकथाम एवं जागरूकता को लेकर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भूमि संरक्षण वन प्रभाग रानीखेत के प्रभागीय वनाधिकारी संतोष कुमार पंत के निर्देशन में किया गया।
गोष्ठी में वन क्षेत्राधिकारी स्याल्दे राकेश कुमार रत्नाकर ने विद्यालय के छात्र-छात्राओं को वनाग्नि के कारणों, दुष्परिणामों तथा उससे बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गर्मियों के मौसम में छोटी सी लापरवाही भी बड़े वनाग्नि हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए जंगलों में जलती हुई बीड़ी, सिगरेट या अन्य ज्वलनशील पदार्थ नहीं फेंकने चाहिए। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी वनाग्नि के प्रति जागरूक करें तथा किसी भी प्रकार की आग लगने की सूचना तुरंत वन विभाग को दें। कार्यक्रम के दौरान वन विभाग की टीम द्वारा वनाग्नि नियंत्रण के उपायों एवं आपातकालीन स्थिति में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी भी साझा की गई। विद्यालय परिवार ने वन विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से छात्रों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ती है। कार्यक्रम में उप वन क्षेत्राघिकारी पूरन प्रकाश
विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं वन विभाग के कर्मचारी मौजूद थे।

