Tuesday, April 14, 2026
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पानी के सैंपल ठीक बताए, फिर भी बढ़ रहे बीमार छात्रों के मामले,असली कारणों की जांच तेज, एक छात्र पीजीआई में भर्ती

हमीरपुर-सुमित ठाकुर

 

हमीरपुर जिला के राजकीय बहुतकनीकी संस्थान बडू हमीरपुर में कथित रूप से अशुद्ध पानी पीने के कारण 20 से अधिक विद्यार्थी बीमार हो गए हैं। बीमार छात्रों में पीलिया, उल्टियां और अन्य संक्रमण के लक्षण सामने आने से संस्थान में हड़कंप मच गया है और छात्रों व अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) हमीरपुर इकाई के पदाधिकारियों ने इस घटना को गंभीर लापरवाही करार दिया है। उनका कहना है कि कॉलेज परिसर में स्थापित पानी की टंकियों की नियमित और वैज्ञानिक तरीके से सफाई नहीं की गई, जिसके चलते पानी दूषित हुआ और छात्रों की तबीयत बिगड़ने लगी। परिषद ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते सफाई और निगरानी की जाती तो इस स्थिति से बचा जा सकता था।

एबीवीपी के विभाग संयोजक भवानी सिंह ठाकुर ने कहा कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि छात्रों के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। उन्होंने बताया कि प्रभावित विद्यार्थियों में से एक छात्र की हालत अत्यंत गंभीर हो गई थी। उसे पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन सुधार न होने पर उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर करना पड़ा, जहां उसका इलाज जारी है।उन्होंने कॉलेज प्रशासन पर संवेदनशीलता और तत्परता की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि इतने गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं होना चिंता का विषय है। एबीवीपी ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच करवाई जाए। साथ ही जल स्रोतों, पानी की टंकियों और सीवरेज व्यवस्था का वैज्ञानिक परीक्षण कर उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि वास्तविक कारण सामने आ सके।

वहीं, राजकीय बहुतकनीकी संस्थान हमीरपुर के प्रधानाचार्य चंद्रशेखर ने बताया कि 5 मार्च से इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं और एक विद्यार्थी फिलहाल पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन है।उन्होंने कहा कि जैसे ही मामले सामने आए, तुरंत जलशक्ति विभाग से संपर्क किया गया और पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। जांच रिपोर्ट में पानी की शुद्धता संतोषजनक पाई गई है। हालांकि, लगातार छात्रों के बीमार होने की घटनाओं ने स्थिति को गंभीर बना दिया है।प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य संभावित कारणों की भी जांच की जा रही है। अब यह स्पष्ट होगा कि छात्रों के बीमार होने के पीछे वास्तविक कारण क्या है, लेकिन फिलहाल यह घटना संस्थान की व्यवस्थाओं और निगरानी प्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।

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