सलौनी[कुढार]-ब्यूरो रिपोर्टर

सड़क पर टायरिंग (डामरीकरण) कार्य में लगातार हो रही देरी के कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्रवासियों का कहना है that सड़क निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है और ठेकेदार द्वारा जानबूझकर टायरिंग नहीं की जा रही, जिससे आम जनता को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
धूल-मिट्टी से लोगों का जीना हुआ मुश्किल
स्थानीय निवासियों ने बताया कि सड़क की वर्तमान स्थिति अत्यंत दयनीय है। सड़क पर जगह-जगह उखड़ी सतह, गड्ढे और ढीली मिट्टी के कारण हर समय धूल का गुबार उड़ता रहता है। इससे न केवल राहगीरों को परेशानी हो रही है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों के लिए यह स्थिति और भी चिंताजनक बन गई है।
लगातार हो रहे हादसे, प्रशासन बना मूकदर्शक
सबसे गंभीर पहलू यह है कि इस सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। पिछले एक सप्ताह के भीतर ही लगभग 15 दोपहिया वाहन चालक फिसलकर घायल हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस सड़क की टायरिंग नहीं की गई, तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। इसके बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम उठता नजर नहीं आ रहा, जिससे लोगों में रोष और बढ़ता जा रहा है।

ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
क्षेत्रवासियों ने ठेकेदार की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में न तो गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है और न ही तय समयसीमा का पालन किया जा रहा है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि कार्य को जानबूझकर लटकाया जा रहा है, जिससे सरकार की विकास योजनाओं की छवि भी प्रभावित हो रही है।
घटिया सामग्री के उपयोग का आरोप, जांच की मांग
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि सड़क निर्माण के दौरान मिट्टी में बजरी डालकर कार्य किया गया है, जिसकी गुणवत्ता संदिग्ध है। लोगों ने मांग की है कि इस कार्य की तकनीकी जांच करवाई जाए और इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता का परीक्षण किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता उजागर हो सके और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।
टेंडर रद्द करने की उठी मांग
स्थानीय जनता ने प्रशासन से मांग की है कि ठेकेदार की लापरवाही और घटिया कार्यप्रणाली को देखते हुए उसका टेंडर तुरंत प्रभाव से रद्द किया जाए और कार्य को किसी सक्षम व जिम्मेदार एजेंसी को सौंपा जाए, ताकि सड़क निर्माण कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा हो सके।
आंदोलन की चेतावनी, लोग खुद करेंगे कार्रवाई
क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर सड़क की टायरिंग का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे स्वयं आगे आकर सड़क की सफाई और मरम्मत का कार्य करने को मजबूर होंगे। इसके साथ ही, लोग बड़े स्तर पर आंदोलन करने की भी तैयारी में हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभाग की होगी।
बड़े हादसे की आशंका, जिम्मेदारी तय करने की मांग
स्थानीय लोगों ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में इस सड़क की बदहाल स्थिति के कारण कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी लोकनिर्माण विभाग और संबंधित ठेकेदार की होगी।
स्थानीय लोगों ने जताया रोष
इस दौरान क्षेत्र के कई स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर ठेकेदार और प्रशासन के खिलाफ अपना कड़ा रोष व्यक्त किया। इनमें प्रमुख रूप से नितिन, अंशुल कर्ण, दिनेश, ज्ञान, प्रकाश, अजीत, वीरेंद्र, सुरेश, सावित्री देवी, रिंटू, अशोक, बलदेव, अश्वनी, ज्योति, पवन शर्मा, अनिल, राम कृष्ण, देवराज, प्रीतम, बेवी, अंजली, सोमा, रीना, कमला, सोनू, बबली सहित अन्य ग्रामीणों ने सड़क की खराब स्थिति पर गहरी नाराजगी जताई और जल्द समाधान की मांग की।
जनहित में शीघ्र समाधान की अपील
अंत में स्थानीय लोगों ने प्रशासन से आग्रह किया है कि जनहित को सर्वोपरि रखते हुए इस समस्या का तत्काल समाधान किया जाए। सड़क की जल्द टायरिंग सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके।

