शिमला-टीना ठाकुर

विधायक डॉ. जनक ने प्रदेश में रोबोटिक सर्जरी लागू करने के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार का यह कदम स्वागत योग्य है, लेकिन इससे पहले आम जनता की मूलभूत जरूरतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि क्या रोबोटिक सर्जरी की मांग वास्तव में जनता से आ रही है या यह केवल सरकार का निर्णय है। आज भी कई मरीज इलाज के लिए दिल्ली, चंडीगढ़ जैसे शहरों का रुख कर रहे हैं, जबकि प्रदेश के अस्पतालों में बिस्तरों की कमी, स्टाफ की कमी और बुनियादी सुविधाओं की हालत चिंताजनक है।
डॉ. जनक ने कहा कि अस्पतालों में शौचालयों की स्थिति खराब है, प्रसूता वार्ड में एक बेड पर दो-तीन महिलाओं को रखा जा रहा है और नवजात शिशुओं के लिए पर्याप्त सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में रोबोटिक सर्जरी जैसे महंगे प्रोजेक्ट से पहले इन समस्याओं को दूर करना जरूरी है।
उन्होंने बताया कि रोबोटिक सर्जरी उन जटिल मामलों में उपयोगी होती है, जहां शरीर के ऐसे हिस्सों में ऑपरेशन करना होता है जहां सर्जन का हाथ पहुंचना मुश्किल होता है, जैसे लीवर के नीचे या प्रोस्टेट सर्जरी में। लेकिन हर मरीज को इसकी आवश्यकता नहीं होती।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि निर्णय लेते समय जनहित को प्राथमिकता दी जाए और केवल तकनीक के नाम पर योजनाएं लागू न की जाएं। साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से Him Care योजना के तहत इलाज में छूट देने और कर्मचारियों को रिइम्बर्समेंट देने की बात भी कही गई है।
विधायक ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि आम जनता को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

