कांगड़ा-राकेश कुमार

टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत रेनबो इंटरनेशनल स्कूल, नगरोटा बगवां, कांगड़ा में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें 300 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ विवेक करोल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आर के सूद एवं उनकी टीम ने भी कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने विद्यालय की निदेशक डॉ छवि कश्यप के टीबी अभियान में निक्षय मित्र के रूप में उत्कृष्ट योगदान की सराहना की। उन्होंने टीबी रोगियों को पोषण एवं मनोसामाजिक सहयोग प्रदान करने में उनके प्रयासों को सराहनीय बताते हुए उन्हें एक प्रेरणास्रोत बताया।
छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि टीबी एक गंभीर संक्रामक रोग है, परंतु यह पूर्णतः रोके जाने योग्य, उपचार योग्य एवं ठीक होने वाला रोग है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा टीबी की जांच एवं उपचार की निःशुल्क सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
डॉ आर के सूद ने उच्च जोखिम समूहों के लिए टीबी निवारक उपचार के महत्व पर प्रकाश डाला, जिससे टीबी संक्रमण को सक्रिय रोग में बदलने से रोका जा सकता है। उन्होंने टीबी से जुड़े मिथकों एवं सामाजिक कलंक को दूर करने पर जोर देते हुए कहा कि टीबी कोई अभिशाप नहीं है और रोगियों को समाज का सहयोग मिलना चाहिए, न कि उन्हें अलग-थलग किया जाए।
विद्यालय की निदेशक डॉ छवि कश्यप ने सभी से इस सामाजिक अभियान से जुड़ने एवं इसे जनभागीदारी के माध्यम से एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।


