शिमला-टीना ठाकुर

सीटू जिला शिमला कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक किसान मज़दूर भवन, चितकारा पार्क, कैथू में आयोजित की गई, जिसमें आगामी आंदोलनात्मक कार्यक्रमों और संगठनात्मक रणनीतियों पर गहन चर्चा करते हुए कई अहम निर्णय लिए गए। बैठक में सीटू के राज्य अध्यक्ष विजेन्द्रा मेहरा की विशेष उपस्थिति रही, जबकि जिला अध्यक्ष कुलदीप डोगरा ने अध्यक्षता की। बैठक में जिला महासचिव अमित कुमार ने केंद्र की Narendra Modi सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उदारीकरण और कॉर्पोरेटपरस्त नीतियां मजदूरों, किसानों और आम जनता के जीवन और आजीविका पर गंभीर संकट पैदा कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चार श्रम संहिताओं के जरिए मजदूरों के अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है, सार्वजनिक क्षेत्र का तेजी से निजीकरण हो रहा है और ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा है।
बैठक में 8 जून 2026 को आंगनवाड़ी वर्करों और 22 जून 2026 को मिड डे मील वर्करों की एक दिवसीय हड़ताल और प्रदर्शन को सफल बनाने का आह्वान किया गया। आंगनवाड़ी कर्मियों के मुद्दों पर चर्चा करते हुए मंडी की दिवंगत कार्यकर्ता हर्षा को न्याय दिलाने और ड्यूटी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। सीटू ने मांग रखी कि ड्यूटी के दौरान किसी भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की मृत्यु होने पर परिजनों को तत्काल 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, साथ ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप ग्रेच्युटी तुरंत लागू की जाए।
मिड डे मील वर्करों के मुद्दे पर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले को तुरंत लागू करने की मांग की गई, जिसमें 10 के बजाय 12 महीने का वेतन देने का निर्देश दिया गया है। सीटू ने इसे वर्करों के लंबे संघर्ष की जीत बताते हुए कहा कि इसके क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही हरियाणा की तर्ज पर न्यूनतम 7000 रुपये मासिक वेतन और हर महीने की पहली तारीख को नियमित भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 1 मई 2026 को मई दिवस को “संघर्ष दिवस” के रूप में मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम सुन्नी डेम हाइड्रो परियोजना में आयोजित होगा और शिमला शहर में जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा 30 मई को सीटू स्थापना दिवस पर प्रत्येक यूनियन स्तर पर सेमिनार और कक्षाएं आयोजित की जाएंगी। वहीं 28 से 30 मई 2026 तक हमीरपुर स्थित श्रमिक कल्याण बोर्ड कार्यालय के घेराव में जिला शिमला से सैकड़ों मजदूरों की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक के अंत में सीटू ने मजदूर वर्ग से आह्वान किया कि वे मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष को तेज करें और आने वाले आंदोलनों में बढ़-चढ़कर भाग लें। इस अवसर पर अजय दूलटा, बालक राम, रमाकांत मिश्रा, दिनेश मेहता, दलीप, वीरेंद्र लाल, निशा, सीता राम, भूमि, धनी राम, नोख राम, ओम प्रकाश, प्रेम प्रकाश, दुष्यंत, शांति, नरेश, राजमीला, मिलाफ, तिलक राज, संजीव, प्रमोद, तिलक वर्मा, प्रेम, ओमी, परमिंदर सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


