शिमला / टीना ठाकुर

भारतीय जनता पार्टी जिला शिमला के जिलाध्यक्ष केशव चौहान ने प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के फैसले लगातार आम जनता के हितों के विपरीत साबित हो रहे हैं।
केशव चौहान ने कहा कि प्रदेश सरकार पंचायतों के वर्तमान प्रधानों का कार्यकाल चुनाव प्रक्रिया तक बढ़ाने के पक्ष में नहीं है, जबकि दूसरी ओर प्रदेश के अध्यापकों को पंचायतों के लिखे-जोखे और प्रशासनिक कार्यों का अतिरिक्त जिम्मा सौंपने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत फैसला करार दिया।
उन्होंने कहा कि आने वाले फरवरी माह में शीतकालीन स्कूलों सहित प्रदेश के सभी स्कूल खुलने जा रहे हैं। ऐसे में अध्यापकों की प्राथमिक जिम्मेदारी बच्चों को शिक्षा प्रदान करना है, लेकिन प्रदेश सरकार उन्हें प्रशासक (एडमिनिस्ट्रेटर) बनाना चाहती है, जो शिक्षा व्यवस्था के साथ अन्याय है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि यदि पंचायत प्रधानों का कार्यकाल चुनाव तक बढ़ा दिया जाता तो पंचायतों के कार्य सुचारू रूप से चलते रहते, लेकिन प्रदेश सरकार की मंशा समझ से परे है।
केशव चौहान ने शिमला जिले में हालिया बर्फबारी के बाद हालात पर भी प्रदेश सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि 23 जनवरी को हुई बर्फबारी के सात दिन बाद भी जिले के कई मुख्य मार्गों और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों व बिजली की व्यवस्था बहाल नहीं हो पाई है। इससे ग्रामीण जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिमला शहरी क्षेत्र में तो तीन दिन में सड़कें और बिजली बहाल कर दी गईं, लेकिन ग्रामीण इलाकों में लोग एक सप्ताह से अधिक समय से बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं, जो प्रदेश सरकार की शीतकालीन तैयारियों की पोल खोलता है।
