Wednesday, October 21, 2026
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राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय दौलतपुर चौक में 10 दिवसीय हनी मिशन प्रशिक्षण का सफल समापन

ऊना ब्यूरो रिपोर्ट, शिवानी ठाकुर

केवीआईसी शिमला के अधिकारियों ने की शिरकत, विद्यार्थियों को मिला स्वरोजगार का मार्गदर्शन
दौलतपुर चौक, 2 फरवरी (संजीव डोगरा)
राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय दौलतपुर चौक में कैरियर गाइडेंस एवं प्लेसमेंट सेल की ओर से आयोजित 10 दिवसीय हनी मिशन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक सोमवार को समापन किया गया। यह प्रशिक्षण खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी), शिमला की ग्रामोद्योग विकास योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाविद्यालय के कुल 50 विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का शुभारंभ 16 जनवरी 2026 को हुआ, जिसमें प्रारंभिक तीन दिन महाविद्यालय परिसर में सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जबकि शेष सात दिनों का व्यावहारिक प्रशिक्षण ग्राम अंबोटा में संपन्न हुआ।
केवीआईसी की ओर से मुख्य प्रशिक्षक के रूप में अनुभव सूद ने प्रशिक्षण प्रदान किया। वे बीबीए विभाग के पूर्व छात्र होने के साथ-साथ एक सफल उद्यमी भी हैं और स्वयं मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन से जुड़े हुए हैं। प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन, पैकेजिंग, विपणन तथा स्वरोजगार से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अलावा विभिन्न विभागों से आए विशेषज्ञों ने भी अपने अनुभव साझा कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में केवीआईसी शिमला के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नारायण कांबले तथा संदीप कुमार (ऑडिटर, केवीआईसी शिमला) उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण उद्यमिता और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बीबीए विभाग के समन्वयक एवं कैरियर गाइडेंस एवं प्लेसमेंट सेल के संयोजक डॉ. रमन चौधरी ने कहा कि इस तरह की रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण गतिविधियाँ विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने भविष्य में भी विद्यार्थियों के करियर विकास को ध्यान में रखते हुए ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम का समापन समारोह ग्राम अंबोटा में आयोजित किया गया। इस अवसर पर डॉ. शिवानी एवं प्रोफेसर हितेश रतन भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रशिक्षण की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि बीबीए अंतिम वर्ष की तीन छात्राओं का चयन किया गया, जिन्हें पाँच दिवसीय विशेष प्रशिक्षण के उपरांत सेल्स रिप्रेजेंटेटिव के रूप में चयनित किया गया है।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वरोजगार, उद्यमिता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल साबित हुआ।

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