15 जून से 15 जुलाई तक घर-घर जाकर जुटाए जाएंगे आंकड़े
जागो! बिलासपुर, शुभाष चंदल
घुमारवीं(बिलासपुर)। जनगणना-2027 के प्रथम चरण के सफल संचालन को लेकर घुमारवीं में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला (छात्रा) घुमारवीं के बैठक कक्ष में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमंडल अधिकारी (ना.) घुमारवीं गौरव चौधरी ने की।
प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जनगणना की प्रक्रिया, डेटा संग्रहण, तकनीकी व्यवस्था तथा फील्ड स्तर पर किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान करना है। उपमंडल अधिकारी गौरव चौधरी ने कहा कि जनगणना किसी भी देश की सामाजिक, आर्थिक और विकासात्मक योजनाओं की आधारशिला होती है। जनगणना के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार विभिन्न विकास योजनाओं, कल्याणकारी कार्यक्रमों और संसाधनों के वितरण की रणनीति तैयार करती है। इसलिए यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत स्व-जनगणना की प्रक्रिया 1 जून से 15 जून 2026 तक संचालित की जा रही है। इस अवधि में नागरिक स्वयं निर्धारित माध्यमों से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके पश्चात 15 जून से 15 जुलाई 2026 तक जनगणना कार्य में नियुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी घर-घर जाकर आवास एवं परिवारों से संबंधित विभिन्न जानकारियां एकत्रित करेंगे।

गौरव चौधरी ने बताया कि प्रथम चरण में मकानों की स्थिति, भवनों के प्रकार, आवासीय सुविधाओं, पेयजल, शौचालय, बिजली, रसोई ईंधन सहित परिवारों से जुड़ी विभिन्न आधारभूत जानकारियों का संकलन किया जाएगा। इन आंकड़ों से क्षेत्रवार आवश्यकताओं का आकलन करने और योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद वर्ष 2027 में जनगणना का दूसरा चरण शुरू किया जाएगा, जिसमें जनसंख्या संबंधी विस्तृत जानकारी एकत्रित की जाएगी।उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता, निष्पक्षता, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न करने का आह्वान किया। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की कि वे जनगणना के दौरान मांगी गई जानकारी सही और सटीक रूप से उपलब्ध करवाएं, ताकि सरकार को वास्तविक आंकड़े प्राप्त हो सके और योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मास्टर ट्रेनरों ने प्रतिभागियों को जनगणना की संपूर्ण प्रक्रिया, मोबाइल एप्लीकेशन के संचालन, डेटा प्रविष्टि, रिकॉर्ड सत्यापन, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और अन्य आवश्यक दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षण में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना कार्य के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों और उनके समाधान के बारे में भी अवगत कराया गया। इस अवसर पर तहसीलदार घुमारवीं बबीता धीमान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, जिसमें जनगणना कार्य से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी प्रदान की जाएगी।

