दैनिक जागो वर्ल्ड !ऊना

प्रसव के दौरान मां-बच्चे की मौत से क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में हंगामापरिजनों और लोगों ने डॉक्टरों पर लापरवाही के लगाए आरोप, कार्रवाई की मांग; पुलिस से हुई झड़पऊना,जिला ऊना के क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद शुक्रवार को अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मृतका की पहचान अरनियाला निवासी रीना देवी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि महिला को करीब चार दिन पहले डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। परिजनों के अनुसार इस दौरान महिला और गर्भ में पल रहे बच्चे की स्वास्थ्य रिपोर्ट सामान्य बताई जा रही थी।बताया जा रहा है कि प्रसव के दौरान अचानक महिला की तबीयत बिगड़ गई और महिला तथा बच्चे दोनों की मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि प्रसव के दौरान अधिक रक्तस्राव होने के कारण दोनों को बचाया नहीं जा सका।हालांकि, घटना के बाद परिजनों और अस्पताल में मौजूद लोगों ने चिकित्सकीय व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए लापरवाही के आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि जब पिछले चार दिनों से महिला और बच्चा स्वस्थ बताए जा रहे थे, तो अचानक ऐसी स्थिति कैसे पैदा हुई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

घटना के बाद लोगों ने अस्पताल परिसर में धरना शुरू कर दिया और संबंधित चिकित्सक डॉ. प्रियंका तथा सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई और निलंबन की मांग उठाई। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस कर्मचारियों के बीच भी बहस और झड़प की स्थिति पैदा हो गई। प्रदर्शनकारी अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगते हुए अधिकारियों से मिलने की मांग कर रहे थे।लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद अस्पताल का स्टाफ, सीएमओ और डॉक्टर खिड़कियों के रास्ते बाहर निकलने की कोशिश करते नजर आए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ऊना सचिन हीरामेठ भी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की। उन्होंने लोगों की बात सुनी और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। एडीसी ऊना इशांत जसवाल भी मौके पर मौजूद रहे।

परिजनों का आरोप है कि संबंधित डॉक्टर के खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं और उनका तबादला होने के बावजूद वे दोबारा ऊना अस्पताल में कैसे तैनात हो जाती हैं, इसकी भी जांच होनी चाहिए। वहीं, इन आरोपों की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।सबसे ज्यादा मार्मिक स्थिति रीना देवी के परिवार की है। रीना अपने पीछे करीब पांच साल के बेटे को छोड़ गई हैं। मृतका की मां ने भावुक होकर कहा कि जब एक मां का साया बच्चे के सिर से उठ जाता है, तो उस दर्द को शब्दों में बयां करना मुश्किल है।फिलहाल परिजन और प्रदर्शनकारी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं। मामले में मेडिकल जांच और प्रशासनिक जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और किसी संभावित लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
