Friday, April 17, 2026
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कटरौली रेलखंड अंतिम मंजूरी की ओर, सीआरएस टीम ने परखी नई लाइन

दौलतपुर-संजीव डोगरा

कटरौली रेलखंड पर यात्री ट्रेनों के संचालन का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है। शुक्रवार को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) की टीम ने पूरे सेक्शन का निरीक्षण कर नई रेल लाइन को बारीकी से परखा।
निरीक्षण के दौरान ट्रैक, पुलों, मेगा वायडक्ट, सिग्नलिंग सिस्टम सहित सभी तकनीकी पहलुओं की जांच की गई। इससे पहले डीजल इंजन का ट्रायल सफल रहा था, जबकि ओएचई (विद्युतीकरण) का कार्य भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में सीआरएस का यह निरीक्षण अंतिम मंजूरी की दिशा में अहम कड़ी माना जा रहा है।
रेलवे सूत्रों के मुताबिक, सीआरएस टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को सौंपेगी। सुरक्षा मानकों पर आधारित इस रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद ही रेलखंड को यात्री ट्रेनों के लिए खोला जाएगा।
करीब 10.55 किलोमीटर लंबी इस रेललाइन परियोजना पर 677 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें 7.80 किलोमीटर लंबा मेगा वायडक्ट बनाया गया है, जो उत्तर भारत के सबसे लंबे रेल वायडक्ट में शामिल है।
इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना
परियोजना के तहत 301 स्पैन और 302 पियर वाला विशाल वायडक्ट तैयार किया गया है। निर्माण में लगभग 16 हजार मीट्रिक टन संरचनात्मक इस्पात और 19 हजार मीट्रिक टन टीएमटी स्टील का उपयोग हुआ है।
257 राफ्ट और 45 पाइल फाउंडेशन तैयार
302 पियर और पियर कैप की ढलाई पूरी
291 इस्पात गार्डरों का प्रक्षेपण
291 डेक स्लैब की कास्टिंग
5.40 लाख घनमीटर अर्थवर्क व 9 हजार घनमीटर ब्लैंकेटिंग कार्य पूर्ण
12.25 ट्रैक किलोमीटर ट्रैक लिंकिंग सफल
आधुनिक सुविधाएं, क्षेत्र को मिलेगा सीधा लाभ
परियोजना के तहत 3 बड़े पुल, 4 लघु पुल और 2 रोड ओवरब्रिज बनाए गए हैं। करीब 38.37 हेक्टेयर भूमि पर पूरे रेलमार्ग का निर्माण किया गया है।
पंजाब के कटरौली में नया रेलवे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत विकसित हो रहा है, जहां आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही 16 स्टाफ क्वार्टर भी लगभग तैयार हैं।
रेललाइन शुरू होने से सीमावर्ती क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। व्यापार, उद्योग, कृषि परिवहन और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। हिमाचल और पंजाब के बीच संपर्क और मजबूत होगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
यदि सीआरएस रिपोर्ट को समय पर मंजूरी मिलती है, तो जल्द ही इस रेलखंड पर यात्री ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो सकती है। यह परियोजना ऊना जिले के लिए बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

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