नैनीताल-गोविन्द रावत

नैनीताल विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ ग्राम डीना कफलाड में पूर्व दर्जा राज्यमंत्री पी.सी. गोरखा ने पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया और क्षेत्र की समस्याओं का मौके पर जायजा लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने पेयजल संकट, जर्जर सड़कों और अधूरी योजनाओं को लेकर भारी नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र के दर्जनों गांवों में जल जीवन मिशन की योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। जिससे लोगों को पेयजल के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि सुयालखेत–छयोडीधूरा मोटर मार्ग पर जगह-जगह गड्ढे होने से लोगों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क पर पिछले दस वर्षों से डामरीकरण नहीं हुआ है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। इस दौरान पी.सी. गोरखा ने सुयालखेत, गंगरकोट, बेडूली, डीना कफलाड और छयोडीधूरा में जनसंपर्क किया। उन्होंने कहा कि विकास एक निरंतर प्रक्रिया है, लेकिन जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को समझने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों की समस्याएं सुननी चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में क्षेत्र की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल समस्या को लेकर विधायक, सांसद और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। पूर्व सरकार में तत्कालीन विधायक संजीव आर्य द्वारा सुयालबाड़ी–बसगांव पंपिंग लिफ्ट पेयजल योजना स्वीकृत कराई गई थी, लेकिन वर्तमान में बजट न मिलने के कारण ठेकेदार काम छोड़कर चले गए हैं और योजना अधर में लटकी हुई है। क्षेत्र की महिलाओं ने बताया कि आज भी उन्हें पुराने जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद विधायक और सांसद एक बार भी गांव नहीं आए।
भ्रमण कार्यक्रम के दौरान पी.सी. गोरखा ग्राम कफलाड डीना में चल रही भागवत कथा में भी शामिल हुए और माता भगवती का आशीर्वाद लिया। इस दौरान कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।

