Wednesday, April 15, 2026
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नारी शक्ति वंदन अधिनियम समर्थन में शिमला में ‘टाउन हॉल ऑफ वूमेन’ और पदयात्रा—महिलाओं की भागीदारी पर होगा मंथन

शिमला-टीना ठाकुर

महिला मोर्चा अध्यक्ष डेज़ी ठाकुर के नेतृत्व में नारी शक्ति फोरम एवं एक सामाजिक संस्था (NGO) द्वारा 15 अप्रैल 2026 को शिमला में महिलाओं के सशक्तिकरण को समर्पित दो महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं—“नारी शक्ति वंदन अधिनियम समर्थन पदयात्रा” और “टाउन हॉल ऑफ वूमेन”।
डेज़ी ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के सम्मान, अधिकार और राजनीति में 33% आरक्षण के महत्व को लेकर जनजागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
उन्होंने बताया कि सुबह 10:00 बजे “टाउन हॉल ऑफ वूमेन” का आयोजन होटल ध्रुव, सर्कुलर रोड, शिमला में किया जाएगा, जिसमें महिलाओं के सशक्तिकरण, नेतृत्व और 33% आरक्षण विधेयक पर एक संवादात्मक चर्चा (interactive dialogue) आयोजित होगी।
इस कार्यक्रम में नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे, जबकि डॉ. पूर्णिमा चौहान (सेवानिवृत्त IAS, पूर्व सचिव, हिमाचल सरकार एवं पूर्व निदेशक HIPA) मुख्य वक्ता के रूप में महिलाओं के नेतृत्व और प्रशासनिक अनुभवों पर अपने विचार साझा करेंगी।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में अन्य प्रमुख वक्ताओं में
पुनीता भारद्वाज (IPS),
मीनाक्षी पॉल (प्रोफेसर),
वंदना भगरा (NGO लीडर),
रेनू बलजीज़ (बिजनेस वुमन)
शामिल होंगी, जो विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भूमिका, चुनौतियों और अवसरों पर प्रकाश डालेंगी।
डेज़ी ठाकुर ने बताया कि इसके पश्चात दोपहर 2:00 बजे “नारी शक्ति वंदन अधिनियम समर्थन पदयात्रा” होटल ध्रुव से सी.टी.ओ., शिमला तक निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और सामाजिक कार्यकर्ता भाग लेंगे।
उन्होंने कहा कि यह पूरा आयोजन “नारी शक्ति का सम्मान, नव भारत की पहचान” के संदेश के साथ किया जा रहा है और इसका उद्देश्य है—
“सशक्त नारी, सशक्त समाज और समृद्ध भारत के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना।”
डेज़ी ठाकुर ने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और अब समय आ गया है कि उन्हें नीति निर्माण और नेतृत्व में भी समान अवसर मिले।
“यह कार्यक्रम केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकार और सम्मान के लिए एक व्यापक जनआंदोलन की शुरुआत है,” उन्होंने कहा।
अंत में उन्होंने सभी महिलाओं, युवाओं और नागरिकों से इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि
“आइए, हम सब मिलकर नारी शक्ति को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को और मजबूत करने का संकल्प लें।”

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