Tuesday, April 14, 2026
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प्राचीन संस्कृति कुटुंब प्रबोधन को सहेज कर रखना जरूरी : डा इंदु बालाफोटो समाचार

ऊना-शिवानी ठाकुर

अखिल भारतीय साहित्य परिषद इकाई ऊना हिमाचल प्रदेश द्वारा नव संवत्सर के उपलक्ष में रामनवमी के शुभ अवसर पर दो सत्रों में कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर रीता सिंह के दिशा निर्देशन मे प्रथम सत्र बच्चों द्वारा मंत्र उच्चारण से प्रारंभ हुआ तत्पश्चात कविता पाठ,भजन गायन और समूह गान किया गया। द्वितीय सत्र में कुटुंब प्रबोधन के महत्व को लेकर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए । प्रदेश सचिव डॉ इंदु बाला ने मातृशक्ति और विशेष रूप से बच्चों को प्रेम पूर्वक इससे जुड़ने का आग्रह किया। सभी ने उन्हें तन्मयता से सुना और सराहा। तदोपरांत हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। उत्साह और श्रद्धा के साथ हर्षोल्लास में कार्यक्रम संपन्न हुआ, प्रसाद स्वरूप मिठाई वितरित की गई और सपना जसवाल ने सभी का धन्यवाद किया।

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साहित्य परिषद की बैठक में वक्ताओं ने कुटुंब प्रबोधन का अर्थ परिवार के सदस्यों (विशेषकर नई पीढ़ी) को भारतीय संस्कृति, परंपराओं, राष्ट्रभक्ति और पारिवारिक मूल्यों से जोड़ना बताया है । इसका उद्देश्य आधुनिकता के दौर में टूटते संयुक्त परिवारों में संवाद बढ़ाकर उन्हें “संस्कारों की प्रयोगशाला” के रूप में पुनः स्थापित करना है। इसमें सप्ताह में एक दिन संस्कारों की प्रयोग शाला को जन जन तक पहुंचाने की जरूरत पर बल दिया । एक साथ बैठकर भोजन करने और ज्ञानवर्धक चर्चा करने पर जोर दिया गया।

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