Wednesday, June 17, 2026
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वन विभाग की मुस्तैदी से खैर की अवैध तस्करी का भंडाफोड़

पुलिस में शिकायत देकर दो तस्करों पर मामला दर्ज

जागो ! ऊना/गगरेट

ऊना ज़िले के गगरेट क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए खैर की लकड़ी की अवैध तस्करी को विफल किया है। रविवार, 07 जून 2026 की तड़के वन खण्ड अधिकारी (गगरेट) नरेश कुमार और जाड़ला बीट के वन रक्षक विक्रांत कुमार इलाके में रात्रि गश्त कर रहे थे। गश्त के दौरान रात करीब 2:30 बजे जाड़ला कोहड़ी (तहसील घनारी) के पास अधिकारियों को एक महिंद्रा स्कॉर्पियो गाड़ी (पंजीकरण संख्या HP19C-5912) संदिग्ध अवस्था में दिखाई दी। वन विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जब वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली, तो उसमें खैर की लकड़ी के 07 मोछे (लॉग) लदे हुए पाए गए। गाड़ी में सवार दो व्यक्तियों—56 वर्षीय महिन्द्र सिंह (निवासी कुठेड़ा जसवालां) और 43 वर्षीय हरमेश चन्द (निवासी जाड़ला कोहड़ी)—से जब वन अधिकारियों ने इस लकड़ी के कटान और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो वे कोई भी परमिट पेश करने में पूरी तरह असमर्थ रहे।

सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लकड़ी के अवैध परिवहन के इस कृत्य को गंभीरता से लेते हुए, वन खण्ड अधिकारी नरेश कुमार ने मौके पर ही गगरेट पुलिस थाना प्रभारी को एक विस्तृत लिखित शिकायत तैयार कर प्रेषित की। सूचना मिलते ही सहायक उप-निरीक्षक (ASI) मोन्टी गुलेरिया के नेतृत्व में गगरेट पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल (जाड़ला कोहड़ी) पर पहुंची, जहां वन विभाग के अधिकारियों ने लिखित शिकायत के साथ-साथ जब्त की गई खैर की लकड़ी, स्कॉर्पियो वाहन और दोनों आरोपियों को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने मौके के हालातों और शिकायत पत्र के आधार पर गगरेट पुलिस थाने में एफआईआर (FIR) संख्या 0057 दर्ज कर ली है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 303(2) व 3(5) तथा भारतीय वन अधिनियम (Indian Forest Act), 1927 की धारा 41 व 42 के तहत पंजीकृत किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ आगामी कानूनी कार्रवाई और जांच अमल में लाई जा रही है।

डीएफओ (DFO) ऊना का आम जनता के नाम संदेश / विशेष अपील:
इस अवसर पर डीएफओ (DFO) ऊना ने आम जनता से विशेष अपील करते हुए कहा है कि वन संपदा और प्रकृति हमारी सबसे अमूल्य धरोहर हैं, और इनकी रक्षा करना हम सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व है। ‘धरती माता’ के इस हरे-भरे आवरण को वन माफियाओं और तस्करों से बचाने के लिए समाज का सक्रिय सहयोग अत्यंत आवश्यक है। डीएफओ ऊना ने नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि किसी को भी अपने आसपास जंगलों में पेड़ों के अवैध कटान, वन संपदा की चोरी, या लकड़ियों के संदिग्ध परिवहन से जुड़ी कोई भी गतिविधि दिखाई देती है, तो वे बिना किसी डर के तुरंत स्थानीय वन विभाग या पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले नागरिक की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी। आपकी एक छोटी सी पहल और जागरूकता वन अपराधों पर अंकुश लगाने तथा हमारी भावी पीढ़ियों के लिए एक सुरक्षित व स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित करने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकती है। आइए, मिलकर अपनी प्रकृति का संरक्षण करें।

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