दैनिक जागो वर्ल्ड !वाराणसी

पूर्वांचल सहित वाराणसी में भारी बारिश के बाद गंगा का जलस्तर फिर से बढ़ने लगा है, जिससे तटवर्ती क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है। वरुणा नदी के प्रभावित लोगों की घर वापसी रुक गई है और श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार में भी दिक्कतें आ रही हैं। पूर्वांचल सहित वाराणसी में गंगा का जलस्तर भारी बारिश के बाद एक बार फिर से बढ़ने लगा है। गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से एक बार फिर चिंंता का माहौल तटवर्ती क्षेत्रों में बन गया है। जबकि वरुणा के प्रभावित लोग जो बाढ़ राहत शिविर से लौटने की तैयारी में थे उनकी घर वापसी एक बार फिर थम गई है।

केंद्रीय जल आयोग की ओर से बताया गया है कि रात के बाद से अब दोबारा जलस्तर में इजाफा शुरू हो चुका है। पानी बढ़ने की वजह से लोगों को दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा था वह अब जलस्तर में दोबारा बढोत्तरी से दोचार होना तय है। सबसे अधिक प्रभावित वरुणा के तट वाले हैं जो गंगा के पाने का पलट प्रवाह होने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आ गए हैं।वहीं दूसरी ओर गंगा के जलस्तर में दोबारा बढोत्तरी होने से महाश्मशान मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर अंतिम संस्कार की दुश्वारी दोबारा सिर उठा रही है। एक ओर कम स्थान में शवदाह की दिक्कत तो दूसरी ओर बाढ़ का पानी गली में आने से छत पर ही अब शवदाह संभव हो पा रहा है। इसकी वजह से शव लाने वालों को इंतजार करना पड़ रहा है।

शीतला माता मंदिर में पानी आधा घटने के बाद अब दोबारा जलस्तर में इजाफा हो रहा है। इसकी वजह से पानी का स्तर एक बार फिर से चुनौती की ओर हो चला है। माना जा रहा है कि जलस्तर आगे बारिश की वजह से और बढ़ा तो दुश्वारियां लंबे समय तक टिक सकती हैं। वहीं शीतला माता मंदिर में पूजन लंबे समय से प्रभावित है तो गंगा में नौका संचालन बंद होने से नाविकों के सामने भी समस्या आ गई है। वहीं गुरुवार को सुबह दस बजे केंद्रीय जल आयोग राजघाट कार्यालय की ओर से बताया गया कि गंगा का जलस्तर दोबारा बढ़ रहा है। बनारस में चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर और खतरा बिंंदु 71.262 मीटर है। जबकि अबतक अधिकतम जलस्तर 73.901 मीटर दर्ज किया गया है। गुरुवार की सुबह दस बजे गंगा का जलस्तर 69.29 मीटर दर्ज किया गया। जबकि 0.5cm/hr. की गति से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है।
