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विधानसभा के मानसून सत्र में ऊना सदर के भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों को राहत राशि मिलने में हो रही देरी और माता श्रीचिंतपूर्णी मंदिर में सुगम दर्शन पर्ची व्यवस्था से हुई आय का मामला उठाकर सरकार से जवाब मांगा। विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने तारांकित प्रश्नों के माध्यम से प्रदेश में सड़क दुर्घटना पीड़ित परिवारों की लंबित राहत राशि और चिंतपूर्णी मंदिर की सुगम दर्शन व्यवस्था में सामने आई सॉफ्टवेयर अनियमितताओं को सदन के सामने रखा। सरकार के जवाब से सामने आया कि 31 जुलाई 2026 तक प्रदेश में 248 पात्र मामले राहत राशि के लिए लंबित हैं। वहीं, चिंतपूर्णी मंदिर में सुगम दर्शन पर्ची से अगस्त 2023 से जून 2026 तक 16.38 करोड़ रुपए से अधिक की आय हुई है। सॉफ्टवेयर में अनियमितताएं मिलने के बाद मामले में एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच कर रही है।248 परिवारों को 4 लाख की राहत का इंतजारविधायक सतपाल सिंह सत्ती के तारांकित प्रश्न संख्या 4541 के जवाब में राजस्व विभाग ने बताया कि सड़क दुर्घटना में मृत्यु होने पर प्रभावित परिवार को एसडीआरएफ अथवा एनडीआरएफ के तहत 4 लाख रुपए की राहत राशि दी जाती है। 31 जुलाई 2026 तक प्रदेश में ऐसे 248 मामले लंबित हैं।
जिलावार आंकड़ों में सबसे अधिक 88 मामले शिमला, 46 चंबा, 29 सिरमौर, 18 सोलन, 16 किन्नौर, 16 ऊना, 9 हमीरपुर, 8 कांगड़ा, 5 कुल्लू, 5 लाहौल-स्पीति, 4 बिलासपुर और 4 मामले मंडी के हैं।
सरकार ने जवाब में कहा है कि लंबित मामलों में देय अनुग्रह राशि जारी करने के लिए आवश्यक कार्रवाई प्रक्रियाधीन है और नियमानुसार पात्र प्रभावित परिवारों को राशि जारी की जाएगी।विधायक सतपाल सत्ती ने तारांकित प्रश्न संख्या 4517 के माध्यम से माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में अगस्त 2023 से शुरू की गई सुगम दर्शन पर्ची व्यवस्था से होने वाली आय और इसमें कथित अनियमितताओं को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा।
सरकार के अनुसार 8 अगस्त 2023 से 30 जून 2026 तक सुगम दर्शन पर्ची से मंदिर न्यास को 16,38,47,086 रुपए की आय हुई है। इसमें 2023 में 1,43,02,641 रुपए, वर्ष 2024 में 4,66,38,336 रुपए, वर्ष 2025 में 6,09,43,469 रुपए और 2026 में 30 जून तक 4,19,62,640 रुपए की आय शामिल है।
विधायक सतपाल सत्ती के सवाल पर सरकार ने बताया कि मंदिर न्यास कार्यालय में सुगम दर्शन पर्ची काटने में धांधली को लेकर कोई प्रत्यक्ष शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। हालांकि, मंदिर अधिकारी द्वारा सुगम दर्शन पर्ची के सॉफ्टवेयर का निरीक्षण किए जाने पर कुछ अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई है और पुलिस इसकी जांच कर रही है।विपक्ष ने सरकार से मांगी जवाबदेहीभाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती द्वारा विधानसभा में उठाए गए दोनों मामलों को जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर सड़क हादसों में अपने परिजनों को खो चुके परिवार राहत राशि का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चिंतपूर्णी मंदिर की सुगम दर्शन व्यवस्था से करोड़ों रुपए की आय और सॉफ्टवेयर में मिली अनियमितताओं को लेकर जांच चल रही है। विधायक सतपाल सत्ती ने इन मामलों के जरिए सरकार से लंबित राहत राशि शीघ्र जारी करने और मंदिर व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की जरूरत पर जोर दिया।
