दैनिक जागो वर्ल्ड !गुजरात

गुजरात का एक ऐसा नृत्य जिसकी शुरुआत भेड़ों की लड़ाई से हुई और अंत स्वयंवर पर। इंसानों के साथ प्रकृति का अटूट संबंध किसी से छिपा नहीं है और इसी संबंध के ही कहीं मध्य से जन्म लेती है संस्कृति। यही वजह है कि हम जब भी किसी लोकगीत या लोकनृत्य की बात करते हैं तो उसमें प्रकृति का कोई न कोई कनेक्शन जरूर मिलता है। इसी कड़ी में आज हम आपको गुजरात के हूडो लोकनृत्य के बारे में बताएंगे कि कैसे चरवाहों ने पशुओं के खेल से इस नृत्य की रचना कर डाली।

