Saturday, June 13, 2026
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शिमला और बीबीएन से कम होगी भीड़, सुगम बनाया जाएगा यातायात; बैठक में फैसला

बुधवार को राज्य सचिवालय में मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक में बीबीएन क्षेत्र में नई टाउनशिप योजना और चंडीगढ़ की तर्ज पर सैटेलाइट टाउन की स्थापना पर चर्चा हुई।

जागो! शिमला, टीना ठाकुर

राजस्व, बागवानी एवं जनजातीय विकास मंत्री जगत सिंह नेगी ने बुधवार को राज्य सचिवालय में मंत्रिमंडलीय उप-समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में शिमला शहर, प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों और जिला मुख्यालयों में भीड़ कम करने पर मंथन किया गया। इसमें विशेष रूप से मंडियों को स्थानांतरित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे।बैठक में बीबीएन क्षेत्र में नई टाउनशिप योजना और चंडीगढ़ की तर्ज पर सैटेलाइट टाउन की स्थापना पर चर्चा हुई। सोलन के उपायुक्त और हिमुडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने 7042-18 बीघा भूमि के समेकन की जानकारी दी। समिति ने भूमि पूलिंग नीति को पंजाब जैसे राज्यों की नीतियों के अनुरूप तैयार करने का निर्णय लिया। शिमला शहर में भीड़ कम करने के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने विभिन्न भीड़-भाड़ वाले चिह्नित स्थानों की समीक्षा की। इनमें छोटा शिमला चौक, संजौली चौक और बालूगंज जंक्शन जैसे प्रमुख स्थान शामिल थे। लोक निर्माण विभाग, एचपीआरआईडीसी और आरटीडीसी को इन जंक्शनों के नियमित निरीक्षण और प्रस्तावों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में विधायक हरीश जनारथा, शहरी विकास निदेशक नीरज कुमार, उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप, उपायुक्त सोलन मनमोहन शर्मा भी मौजूद रहे।

समिति ने शहर के भीतर यातायात में अवरोध पैदा करने वाली मंडियों पर चर्चा की। इन मंडियों को शिमला के बाहर, नव-निर्मित फोरलेन सड़क मार्ग पर उपयुक्त स्थानों पर स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। पुलिस अधीक्षक शिमला को शोघी और धामी जैसे विभिन्न स्थानों पर सुचारू यातायात प्रबंधन के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए गए। सड़कों के दोनों ओर वाहन पार्क न करने और उचित पार्किंग व्यवस्था की पहचान करने के लिए भी कहा गया हिमाचल में अनुसूचित जनजाति से संबंधित किसी व्यक्ति की जमीन और उसमें किसी प्रकार की हिस्सेदारी का हस्तांतरण केवल हिमाचल प्रदेश भूमि हस्तांतरण संबंधी प्रावधानों और कानूनों के तहत ही किया जा सकेगा। प्रदेश सरकार ने जनजातीय क्षेत्रों में जमीन हस्तांतरण को लेकर नियमों में संशोधन किया है। पंचायतीराज विभाग ने पंचायती राज (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) नियम 2011 में संशोधन करने के लिए ड्राफ्ट नियमों को प्रकाशित किया है। इसके लिए लोगों से 30 दिन के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य जनजातीय समुदायों की भूमि और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अनुसूचित क्षेत्रों में जमीनों के अनियमित हस्तांतरण को रोकने और जनजातीय लोगों के हितों की रक्षा के लिए नियमों को और प्रभावी बनाया जा रहा है। 

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