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चंडीगढ़ कोर्ट ने सात साल पहले तीन हजार रुपये के विवाद में हुई हत्या के मामले में एक नाबालिग दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई। वारदात के समय 17 वर्षीय दोषी को बालिग मानकर मुकदमा चलाया गया, जिसे अब पूरी उम्र जेल में काटनी होगी। सात साल पहले महज तीन हजार रुपये के लिए संदीप नमक युवक की हत्या करने के मामले में जिला अदालत ने एक नाबालिग दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

वारदात के समय दोषी की उम्र 17 वर्ष थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे कानूनन बालिग मानकर मुकदमा चलाया गया, क्योंकि हत्या और दुष्कर्म जैसे मामलों में 18 के बजाय 16 साल से कम उम्र के आरोपितों को नाबालिग माना जाता है।अब दोषी को पूरी उम्र जेल में बितानी होगी। इस मामले में दो अन्य दोषियों संदीप और रंजीत को अदालत पहले ही उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। मामला 22 जनवरी 2019 का है। सेक्टर 25 निवासी वासुदेव ने पुलिस को बताया कि सुबह करीब 6:45 बजे वह बाथरूम की तरफ जा रहा था।
