जागो ! हमीरपुर/ब्यूरो रिपोर्ट

सोशल मीडिया पोस्ट के कुछ घंटों बाद ही सुभाष पारस के घर पहुंची “सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा” टीम
श्री अनुराग सिंह ठाकुर की संवेदनशील पहल बनी जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत
हमीरपुर/ऊना। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा शुरू की गई “सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा” एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए उम्मीद बनकर सामने आई। गांव सलोह निवासी सुभाष पारस (कवि, शायर एवं गीतकार) द्वारा कल शाम लगभग 5 बजे सोशल मीडिया पर अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं साझा किए जाने के बाद अनुराग सिंह ठाकुर जी की टीम ने तुरंत संज्ञान लेते हुए सहायता पहुंचाई।
सुभाष पारस ने अपनी पोस्ट में बताया था कि वह पिछले लगभग 35 वर्षों से बिस्तर पर हैं और लंबे समय से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। उन्होंने अपनी पीड़ा साझा करते हुए स्वास्थ्य सहायता की अपील की थी। अपनी पोस्ट में उन्होंने उपमुख्यमंत्री एवं हरोली विधानसभा क्षेत्र से स्थानीय विधायक श्री मुकेश अग्निहोत्री तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा चलाई जा रही “सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा” से मदद की गुहार लगाई थी।
जैसे ही यह पोस्ट श्री अनुराग सिंह ठाकुर की टीम तक पहुंची, तुरंत सक्रियता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी गई। श्री अनुराग सिंह ठाकुर की टीम से राहुल शर्मा द्वारा परिवार से संपर्क स्थापित कर पूरी स्थिति की जानकारी ली गई। इसके उपरांत आज सुबह लगभग 8:30 बजे “सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा” की टीम डॉ. प्रदीप कुमार के नेतृत्व में उनके निवास स्थान पर पहुंची।
टीम द्वारा श्री सुभाष पारस का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध करवाई गईं। लंबे समय से स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे सुभाष पारस और उनके परिवार ने राहत महसूस करते हुए टीम का आभार व्यक्त किया।
गौरतलब है कि श्री अनुराग सिंह ठाकुर द्वारा शुरू की गई “सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा” पिछले 8 वर्षों से लगातार लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचा रही है। इस सेवा के माध्यम से अब तक लगभग 12 लाख लोगों की पूरी तरह निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया जा चुका है। ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और जरूरतमंद परिवारों के लिए यह सेवा किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि श्री अनुराग सिंह ठाकुर केवल राजनीति नहीं बल्कि सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश कर रहे हैं। जरूरतमंद व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा घर-घर पहुंचाने की उनकी कार्यशैली उन्हें आम लोगों से सीधे जोड़ती है। लोगों के अनुसार जब भी किसी जरूरतमंद को मदद की आवश्यकता होती है, “सांसद मोबाइल स्वास्थ्य सेवा” सबसे पहले पहुंचती है।
सुभाष पारस की आंखों में राहत और चेहरे पर मुस्कान इस बात का प्रमाण थी कि संवेदनशील पहलें लोगों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आती हैं। स्थानीय लोगों ने इसे जनसेवा और संवेदनशील राजनीति का जीवंत उदाहरण बताया।

