कुल्लू-प्रिया शर्मा

जिले की सैंज घाटी के दुर्गम क्षेत्रों में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बुनियादी ढांचा बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वर्ष 2023 और 2025 में आई प्राकृतिक आपदाओं से शुगाड़, शाकटी, मरौढ़, कुटला और मझाण गांवों में पुल, संपर्क मार्ग और शैक्षणिक संस्थानों को भारी क्षति पहुंची है।
स्थानीय प्रतिनिधियों के अनुसार चैनगा खड्ड पर बना पुल, जो इन गांवों को आपस में जोड़ता था, पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। इसके चलते ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आवाजाही में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।
इसी तरह खड़ई से शाकटी स्कूल जाने वाला रास्ता भी टूट चुका है। ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग को बहाल करने के लिए करीब 50 से 60 मीटर तक रॉक कटिंग की आवश्यकता है, ताकि बच्चों और आम लोगों के लिए सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। मिडल स्कूल शाकटी और हाई स्कूल मझाण में शिक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों के कई पद लंबे समय से रिक्त हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। बताया जा रहा है कि कुछ शिक्षक 25 से 30 किलोमीटर दूर से पैदल आ-जा रहे हैं, जिससे नियमित शिक्षण कार्य बाधित हो रहा है।
पूर्व बीडीसी सदस्य धर्म पाल और पूर्व एसएमसी सदस्य नीमत राम ने प्रशासन से मांग की है कि क्षतिग्रस्त पुलों और रास्तों का शीघ्र पुनर्निर्माण किया जाए तथा स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पदों को जल्द भरा जाए। उन्होंने कहा कि दुर्गम क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी से ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
कुल मिलाकर, सैंज घाटी के इन क्षेत्रों में आपदा के बाद से अब तक हालात पूरी rतरह सामान्य नहीं हो पाए हैं, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।



