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हिमाचल कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति बनाने के लिए 16-17 अगस्त को कसौली में दो दिवसीय बैठक करेगी। इसमें एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित कई दिग्गज नेता चर्चा करेंगे।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस विधानसभा चुनाव 2027 की रणनीति बनाने में जुट गई है। कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण दो दिवसीय बैठक 16 और 17 अगस्त को कसौली में होगी। बैठक में संगठन के सभी पदाधिकारियों और विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा के साथ-साथ अगले वर्ष होने वाले प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति पर व्यापक विचार-विमर्श किया जाएगा।प्र देश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने सोमवार को शिमला में बताया कि हाल ही में दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने कांग्रेस आलाकमान के वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रदेश के संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की उन्होंने कहा कि इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदेश में आयोजित नीट पेपर लीक और राम मंदिर चंदा चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस के धरना-प्रदर्शनों की जानकारी भी दी गई। उनके अनुसार, इन कार्यक्रमों को जनता का अच्छा समर्थन मिला और वे सफल रहे।

बिनय कुमार ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की ओर से समय-समय पर दिए गए दिशा-निर्देशों का प्रदेश कांग्रेस पूरी गंभीरता और सफलता के साथ पालन कर रही है। उन्होंने कहा कि संगठन को और अधिक मजबूत बनाने तथा आगामी चुनाव की तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की जा रही है। बिनय कुमार ने कहा कि 16 और 17 अगस्त को एआईसीसी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल हिमाचल प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। उनके नेतृत्व में कसौली में होने वाली इस दो दिवसीय बैठक में प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल, मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू, उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, सह प्रभारी चेतन चौहान और विदित चौधरी, प्रदेश मंत्रिमंडल के सभी सदस्य, प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी, पार्टी पदाधिकारी, अग्रणी संगठनों एवं विभागों के प्रमुख, जिला कांग्रेस अध्यक्ष तथा ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भाग लेंगे।बैठक से पहले प्रदेश कांग्रेस कमेटी, राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) तथा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की अलग-अलग बैठकें भी आयोजित की जाएंगी। इनमें प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संगठनात्मक मजबूती और आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पार्टी की भावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि यह बैठक संगठन को चुनावी मोड में लाने और बूथ स्तर तक पार्टी को सक्रिय करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी। इसमें संगठनात्मक जवाबदेही, जनसंपर्क अभियान और चुनावी तैयारियों को लेकर भी आवश्यक निर्णय लिए जाने की संभावना है।
