नूरपुर –भूषण शर्मा

अप्रैल का दिन हिमाचल प्रदेश के इतिहास में एक दर्दनाक याद के रूप में दर्ज है। वर्ष 1905 में आज ही के दिन आए भीषण कांगड़ा भूकंप ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया था। इस त्रासदी की आज 130वीं वर्षगांठ के अवसर पर नूरपुर में विशेष जागरूकता अभियान आयोजित किया गया।
विधानसभा क्षेत्र नूरपुर में होमगार्ड कमांडेंट दिलेर पठानियां के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। अभियान के तहत अस्पताल, मिनी सचिवालय सहित विभिन्न महत्वपूर्ण स्थानों पर लोगों को भूकंप के दौरान अपनाए जाने वाले जरूरी सुरक्षा उपायों की जानकारी दी गई।
इस दौरान कमांडेंट दिलेर पठानियां ने बताया कि 1905 में आए इस विनाशकारी भूकंप के समय संसाधनों की भारी कमी थी, जिसके चलते कांगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में भारी जान-माल का नुकसान हुआ था। उन्होंने कहा कि आज के समय में जागरूकता और तैयारी के माध्यम से ऐसी आपदाओं के प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि भूकंप जैसी आपदाओं के दौरान घबराने के बजाय सतर्कता और सही कदम उठाना बेहद जरूरी है। जागरूकता ही ऐसी आपदाओं से बचाव का सबसे बड़ा साधन है।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना रहा कि आपदा के समय संयम और सही जानकारी के साथ उठाए गए कदम कई जिंदगियां बचा सकते




