Wednesday, October 21, 2026
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ऊना क्षेत्रीय अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत दुखद,आखिर जिम्मेदार कौन?

दैनिक जागो वर्ल्ड !ऊना

बंगाणा, क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में जच्चा-बच्चा की मौत की घटना पर कुटलैहड़ भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक दविंदर कुमार भुट्टो ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत होना बेहद दुखद और चिंताजनक है। आखिर इस घटना के लिए जिम्मेदार कौन है और सरकार कब जागेगी? उन्होंने कहा कि पिछले 15 दिनों में इस तरह की दूसरी घटना सामने आना स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी परिवार के लिए पत्नी, बेटी, बहन या मां को खोने का दर्द शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जब कोई परिवार अपने घर में खुशियां आने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचता है और वहां से उसे अपनों की मौत का दुख लेकर लौटना पड़े, तो उस पीड़ा को समझना बेहद जरूरी है। जच्चा और नवजात की मौत केवल एक परिवार की क्षति नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के सामने खड़ा गंभीर सवाल है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद केवल शोक व्यक्त करना पर्याप्त नहीं है,बल्कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

पूर्व विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार सत्ता में आने से पहले व्यवस्था परिवर्तन का नारा देती थी, लेकिन आज स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर जनता के मन में चिंता बढ़ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकारी अस्पतालों में गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की सुरक्षा को लेकर ही सवाल खड़े होने लगें, तो आम जनता आखिर किस पर भरोसा करे? सरकार की जिम्मेदारी है कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त डॉक्टर, विशेषज्ञ चिकित्सक, प्रशिक्षित स्टाफ, आवश्यक उपकरण और आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध हों, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पताल आम जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का सबसे बड़ा सहारा हैं। गरीब और मध्यम वर्ग के परिवार बेहतर उपचार की उम्मीद लेकर इन्हीं अस्पतालों में पहुंचते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने मांग की कि ऊना अस्पताल में हुई घटना की निष्पक्ष जांच करवाई जाए, उपचार के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की समीक्षा हो और जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने प्रदेश सरकार से सवाल किया कि आखिर ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं? सरकार को पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। भुट्टो ने कहा कि जनता को नारों से नहीं, बल्कि धरातल पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और जवाबदेह प्रशासन से राहत मिलनी चाहिए। सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए इस दुखद घटना में जवाबदेही तय करनी चाहिए, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार की खुशियां इस तरह मातम में न बदलें।

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